क्या मैंपिंग के बाद सुधरेगी ऐसी सड़कों की हालत

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव की 17 हजार से अधिक सड़कों का डेटा अब ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इससे सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। नगर निगम को अब मैनुअल तरीके से लोकेशन पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डोर-टू-डोर कलेक्शन का काम जुलाई में शुरू होगा। शहर को 2026 तक कैटल फ्री करने का लक्ष्य है।

will the condition of roads in gurgaon improve after mapping know the full plan
गुड़गांव जिले की 17 हजार से अधिक सड़कों का पूरा डेटा अब ऑनलाइन उपलब्ध होगा। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। इस नई व्यवस्था से सड़कों की मरम्मत, शिकायत या निर्माण के लिए मैनुअल तरीके से मौके पर जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। अब टूटी सड़कों की मरम्मत के काम में तेजी आने की उम्मीद है। "म्हारी सड़क" पोर्टल के तहत जिले की 17,627 सड़कों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है और इसका डेटा हरियाणा अंतरिक्ष ऐप्लिकेशन सेंटर (HARSAC) को भेज दिया गया है। सोहना और पटौदी में भी सड़कों की मैपिंग का काम पूरा हो चुका है।

नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी लक्ष्यों को तय समय सीमा में पूरा करें। बैठक में "म्हारी सड़क" पोर्टल के बारे में विस्तार से बताया गया। इस पोर्टल के जरिए सड़कों की मरम्मत और निर्माण से जुड़े कामों को और भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। अब किसी भी सड़क की मरम्मत की जरूरत होने पर उसकी सटीक ऑनलाइन लोकेशन तुरंत मिल जाएगी, जिससे काम करने में आसानी होगी। इससे पहले, अधिकारियों को टूटी सड़कों की जानकारी के लिए खुद मौके पर जाकर देखना पड़ता था, जिसमें काफी समय लगता था।
इसके अलावा, बैठक में निकायों में चल रहे अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, ड्रेनेज और शहरी विकास से जुड़े काम शामिल थे। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के प्लान पर भी काम चल रहा है। यह 325 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है और इसे जुलाई में शुरू कर दिया जाएगा। सोहना में 10 साल के लिए एक एजेंसी का चयन करने की मंजूरी के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने की दिशा में भी एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि साल 2026 तक शहर को स्ट्रे कैटल फ्री (आवारा पशुओं से मुक्त) कर दिया जाएगा। गुड़गांव में 473 किलोमीटर लंबे नालों में से लगभग 350 किलोमीटर की सफाई का काम पूरा हो चुका है। सोहना में भी सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है।

जन संवाद पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई हो। बंधवाड़ी प्लांट पर लीगेसी वेस्ट (पुराने जमा कचरे) के निस्तारण का काम फरवरी, 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। निगम अधिकारियों का दावा है कि शहर के 473 किलोमीटर नालों में से करीब 350 किलोमीटर की सफाई हो चुकी है।

बैठक में नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया के साथ एडिशनल कमिश्नर अंकिता चौधरी और रविन्द्र यादव, ज्वॉइंट कमिश्नर नरेश कुमार, विशाल कुमार और रविन्द्र मलिक, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ अकाउंट्स ऑफिसर विजय सिंगला, CMO डॉ. आशीष सिंगला और अन्य कई अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से जुड़े लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। इस नई डिजिटल व्यवस्था से गुड़गांव में सड़कों की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।