12 year old Boy Commits Suicide After Being Stopped From Watching Tv Sensation In Noida
TV देखने से रोका तो 12 साल के बच्चे ने दे दी जान
नवभारत टाइम्स•
नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। टीवी देखने की लत के कारण 12 साल के अमित उर्फ गोलू ने अपनी जान दे दी। पढ़ाई न करने और टीवी देखने से परेशान माँ ने जब टीवी का कनेक्शन कटवा दिया तो उसने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां टीवी देखने की लत के चलते एक 12 साल के बच्चे ने अपनी जान दे दी। सेक्टर-81 के नगला चरणदास इलाके में रहने वाली संध्या देवी ने जब अपने बेटे अमित उर्फ गोलू को टीवी छोड़कर पढ़ाई करने के लिए डांटा, तो उसने गुस्से में आकर फांसी लगा ली। यह घटना नोएडागाजियाबाद में मोबाइल की लत से तीन नाबालिग बहनों की जान जाने की खबर के तुरंत बाद हुई है, जो समाज में बढ़ती नशे की लत के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। अमित टीवी देखने के चक्कर में स्कूल भी नहीं जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसकी मां ने टीवी का कनेक्शन कटवा दिया था। मंगलवार को जब घर में कोई नहीं था, तो उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग (फांसी लगाना) बताया गया है। हालांकि, पुलिस को इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन वे अपनी तरफ से जांच कर रहे हैं।संध्या देवी, जो मूल रूप से भागलपुर, बिहार की रहने वाली हैं, सेक्टर-81 के नगला चरणदास इलाके में किराए पर रहती हैं और घरेलू सहायिका का काम करती हैं। उनके पहले पति का निधन हो चुका है। अमित उर्फ गोलू उनका पहला पति से 12 साल का बेटा था। संध्या का दूसरा पति उसी इलाके में चाय की ठेली लगाता है।
संध्या ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा अमित पूरे दिन घर पर टीवी देखता रहता था। इस आदत से वह बहुत परेशान थीं और अक्सर उसे डांटती रहती थीं। टीवी देखने की लत के कारण अमित ने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। अपनी इस आदत से तंग आकर और मां की डांट से परेशान होकर, उसने मंगलवार को जब घर में कोई नहीं था, तो फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना बच्चों में बढ़ती नशे की लत और उसके भयानक अंजामों की ओर इशारा करती है।
यह घटना एक बार फिर अभिभावकों और समाज के लिए चिंता का विषय है। बच्चों की बढ़ती नशे की लत, चाहे वह मोबाइल की हो या टीवी की, उनके भविष्य को अंधकारमय बना सकती है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। साथ ही, बच्चों को भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि वे किसी गलत कदम को न उठाएं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।