विमान हो सकते हैं ‘अमर’

Contributed byदिलीप लाल|नवभारत टाइम्स

विमानों के लिए एक नई सामग्री विकसित हुई है। यह सामग्री फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) से बनी है। इसमें खास मरम्मत एजेंट और कार्बन परतें हैं। विद्युत धारा से यह सामग्री खुद को ठीक कर लेती है। इसकी उम्र 500 साल तक हो सकती है। यह खोज विमानों को अधिक टिकाऊ बनाएगी।

aircraft can be immortal new technology to make aircraft body last 500 years
नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विमानों और अन्य ढांचों के लिए एक क्रांतिकारी नई सामग्री विकसित की है। यह सामग्री फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) कंपोजिट का एक उन्नत रूप है, जो न केवल हल्की है और ईंधन की खपत कम करती है, बल्कि इसमें खुद को ठीक करने और लंबे समय तक चलने की अद्भुत क्षमता भी है। यह खोज विमानन उद्योग में क्रांति ला सकती है, क्योंकि यह मौजूदा FRP कंपोजिट की प्रमुख समस्याओं, जैसे कि टक्कर के बाद होने वाली सूक्ष्म दरारों और कम उम्र को दूर करती है।

यह नई सामग्री दिखने में तो पारंपरिक FRP जैसी ही है, लेकिन इसमें दो खास बदलाव किए गए हैं। पहला, इसमें 3डी प्रिंटिंग से बना एक खास थर्मोप्लास्टिक मरम्मत एजेंट इस्तेमाल किया गया है। यह एजेंट सीधे फाइबर पर लगाया जाता है और किसी भी टूट-फूट को होने से रोकता है। दूसरा, इसमें बहुत पतली कार्बन की परतें जोड़ी गई हैं। जब इन परतों से बिजली गुजारी जाती है, तो ये तुरंत गर्म होकर पिघल जाती हैं और दरारों को भर देती हैं। इससे ढांचा फिर से मजबूत हो जाता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नई सामग्री की उम्र 500 साल तक हो सकती है। यह मौजूदा कंपोजिट की तुलना में बहुत ज्यादा है, जो आमतौर पर 15 से 40 साल तक ही चलते हैं। इस खोज से न केवल विमानों के निर्माण में सुधार होगा, बल्कि पवन चक्कियों, कारों और अन्य ढांचों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह उन्नत इंजीनियरिंग के भविष्य की एक शानदार झलक पेश करती है।

आजकल विमानों को बनाने में फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) कंपोजिट का खूब इस्तेमाल हो रहा है। ये चीजें हल्की होती हैं, जिससे विमान कम ईंधन खाते हैं और कम प्रदूषण फैलाते हैं। लेकिन एक दिक्कत है। अगर विमान से कोई चीज टकरा जाए, तो इन कंपोजिट में छोटी-छोटी दरारें पड़ जाती हैं। इससे ढांचा धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है। इन दरारों को ठीक करना और इन चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना (रिसाइकल करना) बहुत मुश्किल रहा है।

लेकिन अब नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस समस्या का हल ढूंढ लिया है। उन्होंने एक ऐसी नई सामग्री बनाई है जो दिखने में तो पुरानी FRP जैसी ही है, पर इसमें दो बड़े और खास बदलाव किए गए हैं। पहला, उन्होंने 3डी प्रिंटिंग से एक खास तरह का थर्मोप्लास्टिक मरम्मत एजेंट बनाया है। इसे सीधे फाइबर पर लगाया जाता है और यह किसी भी तरह की टूट-फूट को होने से रोकता है। दूसरा, इसमें बहुत ही पतली कार्बन की परतें डाली गई हैं। जब इन परतों से बिजली गुजारी जाती है, तो ये परतें तुरंत गर्म हो जाती हैं और पिघलकर दरारों में भर जाती हैं। इससे ढांचा फिर से मजबूत हो जाता है।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस नई सामग्री की उम्र 500 साल तक हो सकती है। यह मौजूदा कंपोजिट से कहीं ज्यादा है, जो सिर्फ 15 से 40 साल तक ही चलते हैं। इस नई सामग्री का इस्तेमाल सिर्फ विमानों में ही नहीं, बल्कि पवन चक्कियों, कारों और दूसरी कई चीजों के ढांचों को बनाने में भी किया जा सकता है। यह खोज हमें इंजीनियरिंग के भविष्य की एक साफ तस्वीर दिखाती है।

रेकमेंडेड खबरें