परमिट का इंतज़ार, डिपो में धूल खा रहीं मिनी बसें

नवभारत टाइम्स

नोएडा ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने की मिनी बसें परमिट के इंतज़ार में डिपो में खड़ी हैं। परिवहन निगम ने रूट तय कर विभाग को भेज दिए हैं। विभाग से अनुमति मिलते ही बसें चलेंगी। इन बसों को दूरदराज के इलाकों को जोड़ने के लिए लाया गया था। एसी बसें भी अभी तक नहीं पहुंची हैं।

mini buses gathering dust waiting for permits plan to connect rural areas in limbo
नोएडा में परिवहन निगम की योजनाएं प्रशासनिक लापरवाही के चलते अटकी पड़ी हैं। ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए मंगाई गई मिनी बसें मोरना और ग्रेटर नोएडा डिपो में धूल फांक रही हैं, जबकि एसी बसें सितंबर में शुरू होने वाली थीं, लेकिन अब तक नहीं पहुंचीं। विभाग से रूट परमिट मिलते ही मिनी बसें चलेंगी, लेकिन एसी बसों का इंतजार जारी है।

परिवहन निगम ने नोएडा के ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए कुछ महीने पहले मिनी बसें मंगवाई थीं। इन बसों को खास तौर पर उन दूरदराज के इलाकों के लिए लाया गया था जहां बड़ी बसें नहीं पहुंच पातीं। सरकार का मकसद था कि इन छोटे वाहनों के जरिए लोगों को सस्ती और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिले। हालांकि, ये सभी मिनी बसें अब मोरना रोडवेज डिपो और ग्रेटर नोएडा डिपो में खड़ी-खड़ी धूल खा रही हैं। परिवहन निगम ने इन बसों के रूट निर्धारित कर विभाग को भेज दिए हैं। विभाग से इन रूटों की परमिशन मिलते ही बसें चलनी शुरू हो जाएंगी। नोएडा डिपो के एआरएम रोहिताश कुमार ने कहा, "मिनी बसों के रूट परमिट का इंतजार है। इसके मिलते ही बसें चलाई जाएंगी।"
वहीं, शहर में एसी बसें शुरू करने की योजना भी कागजों में सिमट गई है। परिवहन निगम ने सितंबर में शहर में एसी बसें शुरू करने की तैयारी की थी। आरएम मनोज कुमार ने बताया था कि ये बसें पिछले साल दशहरा तक आ जाएंगी। लेकिन दशहरा और दिवाली दोनों त्योहार बीत चुके हैं, फिर भी एसी बसें डिपो तक नहीं पहुंचीं। हालांकि, शहर में डबल डेकर बसें आ गई हैं और उन्हें जल्द ही चलाया जाएगा। लोगों को उम्मीद थी कि त्योहारों के समय इन नई बसों से सफर में सुविधा मिलेगी, लेकिन अब तक उन्हें इंतजार ही करना पड़ रहा है। इस देरी से लोगों को काफी निराशा हुई है।