राजयोग ने महाशिवरात्रि को बनाया खास

नवभारत टाइम्स

इस महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद शुभ योगों का अद्भुत संयोग बन रहा है। सूर्य-राहु और शुक्र-बुध की युति महालक्ष्मी को प्रसन्न करेगी। यह आर्थिक सुख के लिए विशेष है। बुध-सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा। ऐसे राजयोग में शिव पूजा अत्यंत शुभ और फलदाई होगी।

rajyoga formed on mahashivratri after 300 years worship on february 15 will be very auspicious
गाजियाबाद: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। यह महाशिवरात्रि 300 साल बाद बने शुभ और राजयोगों के अद्भुत संयोग के कारण बेहद खास मानी जा रही है। आचार्य दीपक तेजस्वी के अनुसार, इस बार चार ग्रहों - सूर्य-राहु और शुक्र-बुध की युति का ऐसा संयोग बन रहा है जो महालक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला है। यह संयोग आर्थिक सुख के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। ऐसे शुभ योग में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना बहुत फलदायी होगा।

आचार्य दीपक तेजस्वी ने बताया कि 300 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद महाशिवरात्रि पर ग्रहों का ऐसा शुभ संयोग बन रहा है। यह संयोग विशेष रूप से धन-धान्य और आर्थिक समृद्धि के लिए बहुत अच्छा माना जा रहा है। सूर्य और राहु की युति के साथ-साथ शुक्र और बुध का एक साथ होना, महालक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला है।
इस बार महाशिवरात्रि पर बनने वाला बुधादित्य राजयोग भी खास है। यह योग सूर्य और बुध के एक साथ आने से बनता है। ऐसे शुभ योग में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होगी। आचार्य के अनुसार, इस पर्व पर की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना अधिक मिलेगा।