केंद्रीय संस्कृत विवि में अब एक साथ ले सकेंगे दो डिग्रियां

नवभारत टाइम्स

लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थी एक साथ दो परास्नातक डिग्रियां प्राप्त कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने दिन और शाम दोनों सत्रों में नए कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, नौकरीपेशा लोग भी शाम के सत्र में नया ज्ञान अर्जित कर सकेंगे।

central sanskrit university to offer two degrees simultaneously new courses to start from new session
लखनऊ: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर में अब छात्र एक साथ दो परास्नातक (पीजी) डिग्रियां हासिल कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने यह सुविधा इसलिए शुरू की है ताकि छात्र सुबह की पढ़ाई पूरी करने के बाद शाम को दूसरे कोर्स की पढ़ाई कर सकें। यह यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुसार संभव हुआ है, जिसमें कहा गया है कि अगर दोनों कोर्स के चलने का समय अलग-अलग हो तो एक साथ दो डिग्री ली जा सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, विश्वविद्यालय इस सत्र से 'एमए संस्कृत' का नया कोर्स शुरू कर रहा है।

लखनऊ परिसर के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने बताया कि 'एमए संस्कृत' की कक्षाएं शाम 4 बजे से शुरू होंगी। अभी विश्वविद्यालय में कर्मकांड, ज्योतिष और पालि विषयों में एमए की पढ़ाई सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलती है। इन कक्षाओं के बाद छात्र शाम को 'एमए संस्कृत' की पढ़ाई कर सकेंगे। इससे न केवल छात्रों की संस्कृत भाषा पर पकड़ मजबूत होगी, बल्कि वे एक अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता भी प्राप्त कर सकेंगे। यह उन लोगों के लिए भी एक बेहतरीन मौका है जो सुबह नौकरी करते हैं और शाम को कुछ नया सीखना चाहते हैं। इस कोर्स में प्रवेश के लिए कोई आयु सीमा नहीं है, बस स्नातक की डिग्री होना जरूरी है।
प्रो. झा ने यह भी बताया कि इस नए 'एमए संस्कृत' कोर्स में कुल 75 सीटों पर दाखिला होगा। प्रवेश सीयूईटी (CUET) और नॉन-सीयूईटी (Non-CUET) दोनों माध्यमों से लिया जाएगा। जो छात्र नॉन-सीयूईटी के जरिए प्रवेश लेंगे, उनके स्नातक में संस्कृत विषय होना अनिवार्य है। पाठ्यक्रम के पहले साल में छात्रों को व्याकरण और संस्कृत साहित्य का इतिहास जैसे विषय पढ़ने होंगे। दूसरे साल में वे व्याकरण, साहित्य या भाषा विज्ञान में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।

इसके अलावा, इसी सत्र से 'बीए ऑनर्स इन पालि' का एक नया कोर्स भी शुरू होने की तैयारी है। यह कोर्स पहली पाली में चलेगा और इसमें कुल 60 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। यह पहल छात्रों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर प्रदान करेगी और उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करेगी। विश्वविद्यालय का यह कदम छात्रों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोल रहा है, जिससे वे अपनी शैक्षणिक यात्रा को और समृद्ध बना सकें।

यह सुविधा छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य रुचियों को भी पूरा करने का मौका देगी। वे अपनी पहली डिग्री के साथ-साथ दूसरी डिग्री भी हासिल कर सकते हैं, जिससे उनके करियर के अवसर बढ़ेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह निर्णय छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।