NBT रिपोर्ट, ग्रेनो
यमुना अथॉरिटी के करीब 4 हजार आवासीय प्लॉट के आवंटियों और 59 इंडस्ट्रियल प्लॉट के आवंटियों ने छह महीने में रजिस्ट्री नहीं कराई तो उनका आवंटन निरस्त किया जाएगा। ऐसे आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, लेकिन अब तक रजिस्ट्री नहीं करवाई है। यमुना अथॉरिटी अब इन आवंटियों को मौका नहीं देगी।
यमुना अथॉरिटी ने अब तक 30011 आवासीय प्लॉट आवंटित किए हैं। इसमें से 2009 की स्कीम में 20406 प्लॉट आवंटित किए गए थे। तब से अब तक की स्कीम में 9605 प्लॉट आवंटित किए गए हैं। इनमें से अब तक 16562 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है। यानी इन आवंटियों को रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया है। अथॉरिटी ने अब तक 13449 आवंटियों को चेकलिस्ट नहीं जारी की है। करीब 12 हजार ने रजिस्ट्री करा ली है। 30 जून 2024 से पहले चेकलिस्ट जारी होने के बावजूद अब तक करीब 4 हजार आवंटियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई है। ऐसे आवंटियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद भी लीज डीड नहीं करवाई तो आवंटन निरस्त किया जाएगा। अथॉरिटी ने कहा कि 30 जून 2024 के बाद जिन आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की गई है और 180 दिन पूरे हो गए हैं। उन्हें त्रैमासिक विलंब शुल्क तय किया गया है। यह विलंब शुल्क पहले वर्ष आवंटन का एक प्रतिशत, दूसरे वर्ष दो प्रतिशत, तीसरे वर्ष तीन प्रतिशत, छह वर्ष में यह शुल्क छह प्रतिशत हो जाएगा।
कॉर्पस फंड बनाने का फैसला
यमुना सिटी में मेंटिनेंस के कार्यों के लिए फंड की दिक्कत कभी न आए, इसके लिए यमुना अथॉरिटी ने बड़ा फैसला लिया है। अथॉरिटी ने कॉर्पस फंड बनाने का फैसला लिया है। लीज रेंट समेत कई मदों में आने वाला पैसा इस फंड में जमा किया जाएगा और इसका इस्तेमाल मेंटिनेंस कार्यों के लिए किया जाएगा। यमुना अथॉरिटी की 90वीं बोर्ड बैठक सोमवार को चेयरमैन आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। यमुना अथॉरिटी एरिया में पेयजल व्यवस्था, सड़कों, नालियों, सीवर, बिजली, उद्यान आदि की मरम्मत एवं अनुरक्षण पर प्रति वर्ष एक निश्चित धनराशि खर्च करनी पड़ेगी। यह पैसा विकास के साथ बढ़ता रहेगा। इन कामों को बिना किसी व्यवधान कराने के लिए अथॉरिटी कॉर्पस फंड बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए अलग से बैंक खाता खोला जाएगा।
यमुना अथॉरिटी के बोर्ड के समक्ष सोमवार को हेरिटेज सिटी प्रॉजेक्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस प्रॉजेक्ट का बिड डॉक्युमेंट बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया। बोर्ड ने इस दस्तावेज में कैपिटल एक्सपेन्डिचर, कम्पोनेन्ट वाइस क्लियरिटी, इन्वेस्टमेन्ट, ऑपरेशनल पीरियड व अन्य बिंदुओं पर कार्रवाई के लिए शासन को भेजने का फैसला लिया है। साथ ही फिल्म सिटी प्रॉजेक्ट पर विकासकर्ता कंपनी के प्रतिनिधि बोनी कपूर व आषीश भूटानी ने बोर्ड के समक्ष कार्ययोजना प्रस्तुत की। इसके अलावा हाथरस अर्बन सेंटर के मास्टरप्लान 2041 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अब इस रिपोर्ट को लेकर मंडल आयुक्त व हाथरस डीएम के साथ जल्द बैठक करने का फैसला लिया गया।

