n NBT न्यूज, फरीदाबाद : शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत पात्र स्टूडेंट्स को दाखिला देने में जिले के 44 निजी स्कूलों की ओर से लापरवाही सामने आई है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीडीईओ) ने ऐसे स्कूलों की सूची मौलिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला को भेजते हुए स्टूडेंट्स के हित में आवश्यक निर्णय लेने का अनुरोध किया है। जानकारी के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के कई स्टूडेंट्स को आरटीई के तहत स्कूल आवंटित किए गए थे, लेकिन संबंधित निजी स्कूलों ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया या दाखिले की प्रक्रिया को टालते रहे। इस मामले को लेकर हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप कर दोषी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सभी पात्र छात्रों को उनके आवंटित स्कूलों में दाखिला दिलाने की मांग की है।
मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा और प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने कहा कि आरटीई के पात्र स्टूडेंट्स को प्रवेश न देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी स्टूडेंट की पात्रता पर संदेह होने के आधार पर भी स्कूल दाखिला नहीं रोक सकते। राज्य सरकार द्वारा जिन छात्रों को स्कूल आवंटित किए गए हैं, उन्हें प्रवेश देना निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य है। मामले को लेकर 10 से अधिक स्टूडेंट्स ने दाखिला न देने वाले स्कूलों के खिलाफ स्थानीय स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर की है।

