~1.25 करोड़ का प्लॉट 68.75 लाख रुपये में बेचने का आरोप

नवभारतटाइम्स.कॉम

वेव सिटी में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बिल्डर कंपनी के पूर्व कर्मचारियों पर एक करोड़ 25 लाख रुपये के प्लॉट को मात्र 68 लाख 75 हजार रुपये में बेचने का आरोप है। उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस सौदे को अंजाम दिया। जब खरीदार प्लॉट का कब्जा लेने पहुंचे तो कंपनी को इस धोखाधड़ी का पता चला।

wave city former builder employees accused of selling 125 crore plot for 6875 lakhs fraud uncovered

n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद

वेव सिटी क्षेत्र के शाहपुर बम्हेटा स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स नामक आवासीय परियोजना में बिल्डर कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने एक प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया। आरोप है कि जिस व्यक्ति को प्लॉट बेचा गया, वह प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो कंपनी को जांच के दौरान इस फर्जीवाड़े का पता चला। आरोपियों ने एक करोड़ 25 लाख रुपये का प्लॉट 68 लाख 75 हजार में बेच दिया। मामले में कंपनी के प्रतिनिधि विवेक सिंह निर्वाण ने कोर्ट के आदेश पर वेव सिटी थाने में प्रदीप कुमार झा, सरिया नौटियाल, संजीव कुमार राय, विकास कुमार और जयप्रकाश के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

शिकायत में विवेक सिंह निर्वाण ने बताया कि वह मैसर्स एसएमवी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी हैं। कंपनी द्वारा शाहपुर बम्हेटा में जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स नाम से एक इंटीग्रेटेड आवासीय परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। विवेक सिंह ने कहा कि कंपनी में प्रदीप कुमार झा, सरिया नौटियाल, संजीव कुमार राय, विकास कुमार और जयप्रकाश कंपनी के कार्यालय में टैक्स कम्पलाइंस व अकाउंट संबंधित कार्यों को देखते थे। आरोप है कि इन लोगों ने साजिश कर प्रॉजेक्ट के प्लॉट संख्या सी-17 ब्लॉक सी, जोन बी टाइप करीब 188.88 वर्गमीटर प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिना किसी वैध आवंटन और बिना किसी अकाउंट विभाग की वैध अनापत्ति के फर्जी बैनामा 16 मई 2024 को उपनिबंधक कार्यालय में रजिस्टर्ड करा दिया, जिसमें 60 लाख रुपये राशि अंकित कराई गई। जबकि इस प्लाॉट की कीमत 1.25 करोड़ रुपये थी।

जांच में पता चला फर्ज़ीवाड़ा : 18 दिसंबर 2025 को मुंबई निवासी साकेत सिंह और नोएडा निवासी ऊषा सिंह कंपनी के शाहपुर बम्हेटा स्थित कार्यालय पर प्लॉट का कब्जा मांगने पहुंचे और मेंटिनेंस स्टॉफ में उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच की, जिनमें 68 लाख 75 हजार रुपये नकद भुगतान दिखाया गया था और 60 लाख रुपये बैंक पेमेंट की रसीदे भी दिखाई गई। इन दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि कंपनी के किसी अधिकृत प्रतिनिधि या डायरेक्टर द्वारा यह आवंटन नहीं किया गया था। आरोप है कि उन दस्तावेजों पर अधिकृत प्रतिनिधि के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इन कृत्य कंपनी के निवर्तमान अकाउंट हेड प्रदीप कुमार झा, निवर्तमान कस्टमर रिलेशन मैनेजर सरिता नौटियाल, निवर्तमान अकाउंट सहायक संजीव राय, निवर्तमान संपत्ति विभाग सहायक विकास कुमार और जयप्रकाश ने साजिश कर कंपनी के साथ धोखाधड़ी की। विवेक सिंह निर्वाण का आरोप है कि मामले की शिकायत पुलिस और पुलिस आयुक्त से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा है। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने कहा कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।