शिफ्टएड 2026 में बोले शिक्षा मंत्री, नरेला को विश्वस्तर का एजुकेशन हब बनाना है

नवभारत टाइम्स

शिफ्टएड 2026 में शिक्षा मंत्री ने नरेला को विश्वस्तरीय एजुकेशन हब बनाने की बात कही। उन्होंने 2035 तक सकल नामांकन अनुपात 50% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा। कार्यक्रम में छात्रों के लिए एआई-आधारित टूल्स लॉन्च किए गए। ये टूल्स विश्वविद्यालय चयन, वीज़ा और प्रवेश संभावनाओं में मदद करेंगे।

शिफ्टएड 2026 में बोले शिक्षा मंत्री, नरेला को विश्वस्तर का एजुकेशन हब बनाना है
ग्रैडराइट द्वारा आयोजित शिफ्टएड 2026 के तीसरे संस्करण में 1500 से अधिक छात्रों, 30 से अधिक वैश्विक विश्वविद्यालयों और 8 वित्तीय संस्थानों ने हिस्सा लिया। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने नरेला एजुकेशन सिटी को विश्वस्तरीय बनाने और 2035 तक सकल नामांकन अनुपात को 50% तक पहुंचाने के लक्ष्य पर जोर दिया। इस समिट में एआई-संचालित (AI-powered) टूल्स भी लॉन्च किए गए। ये टूल्स छात्रों को विश्वविद्यालय चुनने, वीज़ा मिलने की संभावना का अनुमान लगाने और प्रवेश की संभावनाओं के बारे में डेटा-आधारित मदद देते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर ग्रैडराइट के सह-संस्थापक अमन सिंह ने कहा, “ग्लोबल एजुकेशन में हो रहे बदलाव रास्ते बंद नहीं कर रहे, बल्कि मानक ऊंचे कर रहे हैं। स्टूडेंट्स को मांग वाले प्रोग्राम चुनते हुए परिणाम आधारित फैसले लेने होंगे। ग्रैडराइट उन्हें अनिश्चितताओं से आगे बढ़कर दीर्घकालिक वैश्विक सफलता के लिए तैयार करता है। यह मंच भारतीय स्टूडेंट्स को वैश्विक शिक्षा के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक मार्गदर्शन देने पर केंद्रित रहा।”
इस समिट में छात्रों को भविष्य की शिक्षा के लिए तैयार करने पर खास ध्यान दिया गया। एआई-संचालित (AI-powered) टूल्स छात्रों के लिए बहुत मददगार साबित होंगे। ये टूल्स उन्हें सही विश्वविद्यालय चुनने में मदद करेंगे। साथ ही, वीज़ा मिलने की संभावना का अनुमान भी लगा पाएंगे। इससे छात्रों को अपने भविष्य की योजना बनाने में आसानी होगी।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने नरेला एजुकेशन सिटी को एक बड़ा हब बनाने की बात कही। उनका लक्ष्य है कि 2035 तक ज़्यादा से ज़्यादा छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। यह लक्ष्य भारत में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ग्रैडराइट का यह आयोजन भारतीय छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए सही दिशा दिखाने में कामयाब रहा। अमन सिंह ने बताया कि बदलते समय के साथ छात्रों को भी अपने फैसलों में समझदारी दिखानी होगी। उन्हें ऐसे कोर्स चुनने होंगे जिनकी भविष्य में मांग हो। ग्रैडराइट छात्रों को इन बदलावों के लिए तैयार कर रहा है ताकि वे विदेश में सफल हो सकें।