हार्ट सेंटर को लेकर मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के बीके अस्पताल में संचालित हार्ट सेंटर पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि एक अयोग्य डॉक्टर से सर्जरी कराई गई। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई होगी। पीपीपी मॉडल पर चल रहे इस सेंटर के संचालन की भी जांच होगी।

heart center surgery by unqualified doctor human rights commission seeks report warns of strict action
फरीदाबाद के बीके अस्पताल में चल रहे हार्ट सेंटर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यहां एक ऐसे डॉक्टर से दिल की सर्जरी कराई गई, जिसके पास इसके लिए जरूरी योग्यता ही नहीं थी। इस मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने साफ कहा है कि अगर आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदार लोगों और एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

यह हार्ट सेंटर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चल रहा था। आयुष्मान भारत योजना के तहत हृदय रोगों के इलाज के लिए इसे खोला गया था। इस सेंटर को चलाने की जिम्मेदारी केरल के कोल्लम में स्थित मेडिटेरिना हर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। शिकायतकर्ताओं ने आयोग को बताया कि हार्ट सेंटर में एक ऐसे डॉक्टर से दिल की सर्जरी कराई गई, जो कार्डियक सर्जन के तौर पर अधिकृत नहीं था। इस लापरवाही की वजह से कई मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिल की मुश्किल सर्जरी के लिए तय किए गए मेडिकल नियमों और जरूरी योग्यताओं को नजरअंदाज किया गया।
मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में जवाब मांगा है। आयोग जानना चाहता है कि हार्ट सेंटर में काम करने वाले डॉक्टरों की योग्यता की जांच कैसे की गई? सर्जरी करने की इजाजत किन वजहों से दी गई? क्या अस्पताल प्रशासन और निजी कंपनी ने तय मेडिकल नियमों का पालन किया? आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर आरोपों में सच्चाई पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

रेकमेंडेड खबरें