n तुषार शर्मा, नोएडा
शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शुमार भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे का सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। करोड़ों की लागत से ऊपर चमचमाता एलिवेटेड रोड तो तैयार हो गया, लेकिन उसके नीचे बनी सर्विस रोड आज राहगीरों के लिए मौत का जाल बन चुकी है। विडंबना यह है कि लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य भी लापरवाही की भेंट चढ़ गया, जिसे बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है। एनबीटी टीम ने गुरुवार को जब मौके पर जमीनी हालात देखे, तो स्थिति बेहद भयावह मिली।
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह मार्ग पिछले चार वर्षों से जर्जर है। भारी दबाव और बार-बार की शिकायतों के बाद करीब एक माह पहले यहां सड़क बनाने का काम शुरू हुआ था। लोगों को उम्मीद थी कि अब गड्ढों और धूल से निजात मिलेगी, लेकिन यह उम्मीद चंद दिनों में ही टूट गई। विभाग ने सड़क के कुछ हिस्से को तो चकाचक कर दिया, लेकिन बाकी हिस्से को वैसे ही उखड़ा हुआ छोड़ दिया। अधूरे निर्माण के कारण स्थिति पहले से ज्यादा खतरनाक हो गई है। जहां डामर डाला गया है, वहां सड़क ऊंची है और जहां काम नहीं हुआ, वहां गहरा गड्ढा या उखड़ी हुई रोड़ियां हैं। इस असमान सतह के कारण सबसे ज्यादा जानलेवा स्थिति दोपहिया वाहन चालकों के लिए है। रात के अंधेरे में यहां आए दिन बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। इसके अलावा, उखड़ी सड़क से दिनभर उड़ने वाली धूल ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का सांस लेना भी दूभर कर दिया है।

