DM के आदेश बेअसर, सात महीने बाद भी इनडोर हॉल में नहीं चले AC

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मलकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ी गर्मी से बेहाल हैं। करोड़ों की लागत से बना स्टेडियम बदहाल है। सात महीने पहले जिलाधिकारी ने एसी ठीक कराने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद स्टेडियम का सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम अब तक चालू नहीं हुआ है। खिलाड़ी बिना एसी के अभ्यास करने को मजबूर हैं। बिजली लोड की समस्या कागजों में अटकी है।

dms orders ineffective acs still off in malakpur sports stadiums indoor hall after seven months players suffering

n सिद्धार्थ अग्रवाल, ग्रेटर नोएडा

भीषण गर्मी और उमस के बीच जब शरीर पसीने से तर-बतर हो, तब बॉक्सिंग रिंग में पंच मारना या मैट पर कुश्ती के दांव-पेंच आजमाना किसी खिलाड़ी के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। मलकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास करने वाले 300 खिलाड़ियों के लिए ये हालात रोज की नियति बन चुके हैं। करोड़ों की लागत से बना हाईटेक स्टेडियम अपनी बदहाली और अधिकारियों की संवेदनहीनता की गवाही दे रहा है। आलम यह है कि सात महीने पहले जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद स्टेडियम का सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम धूल फांक रहा है और खिलाड़ी पसीना बहाने को मजबूर हैं।

मलकपुर स्टेडियम में जूडो, बॉक्सिंग, नेटबॉल, बास्केटबॉल, जिम, कबड्डी और रेसलिंग जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। 2025 में अगस्त से अक्टूबर के बीच डीएम मेधा रूपम ने यहां का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने बदहाल बिजली व्यवस्था और बंद पड़े एसी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी फाइलें दफ्तरों की मेजों पर ही रेंग रही हैं। खिलाड़ी गर्मी में बेहाल हैं। इंडोर हॉल में निर्माण के समय करोड़ों रुपये खर्च कर सेंट्रलाइज्ड एसी की व्यवस्था की गई थी। निर्माण एजेंसी सीएनडीएस की लापरवाही और खेल विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण यह सिस्टम कभी शुरू ही नहीं हो पाया। हद तो यह है कि हॉल के अंदर विकल्प के तौर पर कूलर या पंखे तक की व्यवस्था नहीं की गई है। बंद हॉल में उमस इतनी बढ़ जाती है कि खिलाड़ियों का दम घुटने लगता है। खेल विभाग का दावा है कि उन्होंने पिछले साल 10 साल पुराने इलेक्ट्रिक पैनल ठीक कराए और दो डीजी सेट भी लगवाए। लेकिन असली समस्या बिजली के लोड की है। एसी चलाने के लिए भारी लोड की आवश्यकता है, जिसका मामला अभी भी कागजों में अटका है।

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