n NBT रिपोर्ट, कानपुर : कानपुर पुलिस कमिश्नरेट दफ्तर में शनिवार को उस समय अप्रिय स्थिति पैदा हो गई, जब ITBP के 40-50 हथियारबंद जवान मेन गेट से लेकर CP ऑफिस के बाहर 'फॉर्मेशन' की स्थिति में खड़े हो गए। हालांकि बाद में जवानों को वापस भेज दिया गया। CP दफ्तर में ITBP अधिकारी अपर पुलिस आयुक्त डॉ विपिन ताडा के साथ वार्ता को बैठे। मामला ITBP की 32वीं बटालियन में जवान विकास कुमार की मां के इलाज में कथित लापरवाही से जुड़ा है, जिनका हाथ काटना पड़ा था। अडिश्नल CP डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि ITBP वाले वार्ता करने के उद्देश्य से आए थे। ITBP कमांडेट गौरव प्रसाद ने कहा कि घेराव की बात गलत है। हमें पुलिस पर भरोसा है।
यह है मामला : फतेहपुर के विकास कुमार की मां निर्मला की तबीयत बिगड़ने पर 13 मई को बटालियन के डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्हें टाटमिल के कृष्णा अस्पताल भेजा गया। विकास का आरेाप है कि 14 मई को मां का दायां हाथ काला पड़ गया। 14 मई की शाम को विकास ने अपनी मां को पारस अस्पताल में दाखिल करा दिया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमित दायां हाथ सर्जरी कर काट दिया। 19 मई को विकास अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे थे और शिकायत दर्ज कराई थी। सीएमओ द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट से ITBP अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। उनका आरोप है कि रिपोर्ट में इलाज संबंधी कई तथ्यों को गलत तरीके से दर्शाया गया। अपर पुलिस आयुक्त और ITBP अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में सहमति बनी कि जांच रिपोर्ट में आपत्ति के बिंदुओं पर रविवार को दोबारा जांच होगी।
ITBP, दिल्ली मुख्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि यह मेडिकल लापरवाही का विषय है, लेकिन एफआईआर नहीं लिखी गई। सीएमओ की जांच टीम ने गड़बड़ियां छिपाने का प्रयास किया। घेराव की बात गलत है।


