‘प्रकृति से छेड़छाड़ जैव विविधता के लिए खतरा’

नवभारतटाइम्स.कॉम

राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर एक कार्यशाला हुई। निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती ने जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर हर जीव एक दूसरे पर निर्भर है।

tampering with nature a serious threat to biodiversity experts express concern

nNBT न्यूज, पीजीआई : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBFGR) में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर ‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस परिप्रेक्ष्य एवं सार्थकता’ विषय पर हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया।

संस्थान के निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती ने जैवविविधता के महत्व को बताते हुए कहा कि इस पृथ्वी पर प्रत्येक जीव का जीवन अन्य जीवों पर निर्भर है, यदि हम यह कहे कि इस सृष्टि में विद्यमान जैवविविधता पृथ्वी पर मानव जाति को बनाए रखने के लिए प्रकृति का एक अमूल्य वरदान है। कार्यक्रम में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग की प्रफेसर डॉ. आभा मिश्रा ने कहा कि प्रकृति से अनावश्यक छेड़छाड़ जैव विविधता के लिए खतरा बन रही है।