उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की लद्दाख यात्रा: योग दिवस, स्वयं सहायता समूहों से संवाद और नशा मुक्त अभियान पर जोर
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की लद्दाख यात्रा: योग दिवस, स्वयं सहायता समूहों से संवाद और नशा मुक्त अभियान पर जोर
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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन लद्दाख की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने स्थानीय स्वयं सहायता समूहों से मुलाकात की और विकास कार्यों का जायजा लिया। उपराष्ट्रपति ने युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। वे लेह में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के नशा मुक्त परिसर अभियान की सराहना की।
नई दिल्ली, 19 जून: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन अपनी पहली लद्दाख यात्रा पर शुक्रवार को लेह के कुशोक बकुला रिनपोछे हवाई अड्डे पर पहुंचे। वे 19 से 21 जून तक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे स्थानीय स्वयं सहायता समूहों से मिलेंगे, सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों का जायजा लेंगे, युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे। उपराष्ट्रपति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के 'नशा मुक्त परिसर अभियान' की भी सराहना की है।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का लद्दाख पहुंचने पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) कारगिल के मुख्य कार्यकारी पार्षद डॉ. मोहम्मद जाफर अखून और लद्दाख से लोकसभा सांसद मोहम्मद हनीफा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति 20 जून को लुकुंग गांव जाएंगे। वहां वे स्थानीय स्वयं सहायता समूहों से बातचीत करेंगे। वे 'जीवंत गांव कार्यक्रम' के तहत सीमावर्ती क्षेत्र में चल रही विकास की पहलों को भी देखेंगे। इसी दिन, उपराष्ट्रपति युद्ध स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
21 जून को, उपराष्ट्रपति लेह में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के भव्य समारोह में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में युवा, सशस्त्र बल के जवान और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। सभी मिलकर योग के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य और कल्याण का संदेश फैलाएंगे।
इससे पहले, गुरुवार को उपराष्ट्रपति और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सी. पी. राधाकृष्णन ने दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा 'नशा मुक्त परिसर अभियान' के तहत की गई शानदार प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस साल की शुरुआत में विश्वविद्यालय में 'नशामुक्त परिसर अभियान' और 'ई-प्रतिज्ञा मंच' की शुरुआत हुई थी। उन्होंने विद्यार्थियों से 'नशामुक्त भारत' के दूत बनने और नशे के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने इस अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने में विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि सामूहिक प्रयासों से 53,000 से अधिक विद्यार्थियों ने नशा न करने की अनिवार्य प्रतिज्ञा ली है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें एक स्वस्थ, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र बनाने में बहुत मदद करती हैं।
उपराष्ट्रपति ने अन्य विश्वविद्यालयों से भी अपील की है कि वे इस नेक काम में साथ आएं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे अपने छात्रों को इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करें, ताकि 'ड्रग-फ्री इंडिया' का लक्ष्य हासिल किया जा सके।