कंज्यूमर कोर्ट का नेशनल इंश्योरेंस पर सख्त फैसला: सड़क दुर्घटना में मृतक के नॉमिनी को मिलेगा 2 लाख का बीमा क्लेम
कंज्यूमर कोर्ट का नेशनल इंश्योरेंस पर सख्त फैसला: सड़क दुर्घटना में मृतक के नॉमिनी को मिलेगा 2 लाख का बीमा क्लेम
NewsPoint•
उपभोक्ता अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी पाया है। सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके नॉमिनी को बीमा क्लेम का भुगतान नहीं किया गया था। अदालत ने कंपनी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख रुपये की राशि देने का आदेश दिया है।
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के नॉमिनी को बीमा क्लेम का भुगतान न करने पर कंज्यूमर कोर्ट ने National Insurance Company Limited को सेवा में कमी का दोषी पाया है। कोर्ट ने बीमा कंपनी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana) के तहत 2 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह फैसला बीमा धारकों के अधिकारों को मजबूत करता है और यह स्पष्ट करता है कि बीमा कंपनियां बिना किसी ठोस वजह के क्लेम को रोक नहीं सकतीं।
यह मामला तब सामने आया जब एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक के नॉमिनी ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद मामला उपभोक्ता अदालत पहुंचा। अदालत ने पाया कि बीमा कंपनी ने क्लेम को बेवजह लटकाए रखा, जो कि सेवा में कमी मानी जाती है।उपभोक्ता अदालत ने अपने फैसले में National Insurance Company Limited को निर्देश दिया कि वह नॉमिनी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana) के तहत 2 लाख रुपये की बीमा राशि का तुरंत भुगतान करे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बीमा धारकों के लिए एक बड़ी राहत है। यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि बीमा कंपनियां अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकतीं। अगर कोई बीमा कंपनी बिना किसी उचित कारण के क्लेम को खारिज करती है या भुगतान में देरी करती है, तो उपभोक्ता अदालत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर सकती है। यह फैसला बीमा कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि वे ग्राहकों के साथ सही व्यवहार करें और समय पर क्लेम का निपटारा करें। यह आम आदमी के लिए एक बड़ी जीत है, जो अक्सर बीमा कंपनियों की मनमानी का शिकार हो जाते हैं।