Ajmer नगर निगम के विभागों का स्थानांतरण: निवर्तमान पार्षदों ने किया विरोध, जनसुविधाओं पर असर की जताई चिंता
Ajmer नगर निगम के विभागों का स्थानांतरण: निवर्तमान पार्षदों ने किया विरोध, जनसुविधाओं पर असर की जताई चिंता
NewsPoint•
अजमेर नगर निगम के पुराने भवन से जनसुविधा विभागों को नए भवन में ले जाने की तैयारी है। निवर्तमान पार्षदों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे आम जनता को परेशानी होगी। पार्षदों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
अजमेर नगर निगम के पुराने भवन से जनसुविधाओं से जुड़े विभागों को नए भवन में ले जाने की तैयारी का निवर्तमान पार्षदों ने कड़ा विरोध किया है। पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (Additional District Collector Office) के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि विभागों के स्थानांतरण से आम जनता को परेशानी होगी, क्योंकि पुराना भवन शहर के बीचोंबीच होने के कारण लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इस मुद्दे ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
निवर्तमान पार्षदों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (Additional District Collector Office) से मुलाकात की और इस स्थानांतरण के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। पार्षदों का मानना है कि जनसुविधाओं से जुड़े विभागों को पुराने भवन से हटाना आम लोगों के लिए असुविधाजनक होगा।उनका तर्क है कि शहर के बीचोंबीच स्थित पुराना भवन जनता के लिए आसानी से सुलभ है। ऐसे में, विभागों को कहीं और ले जाने से लोगों को अपने काम करवाने के लिए दूर जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होगा।
पार्षदों ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण फैसले को लेते समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता की राय को नजरअंदाज किया गया। उनका मानना है कि ऐसे फैसलों में जनता की भागीदारी होनी चाहिए ताकि उनकी समस्याओं को समझा जा सके।
अजमेर नगर निगम से जुड़ा यह विवाद अब स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। निवर्तमान पार्षदों के विरोध से यह स्पष्ट है कि इस स्थानांतरण को लेकर जनता और उनके प्रतिनिधियों में असंतोष है।