Hyderabad High tech Number Plate In Bmw A Unique Way To Avoid Challan
हैदराबाद: बीएमडब्ल्यू में हाईटेक नंबर प्लेट, चालान से बचने का अनोखा तरीका
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हैदराबाद में एक बीएमडब्ल्यू चालक ने चालान से बचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उसने रिमोट से कंट्रोल होने वाली हाई-टेक नंबर प्लेट लगाई थी, जिससे दिल्ली और तेलंगाना की नंबर प्लेट बदली जा सकती थी। पुलिस ने कार जब्त कर मामला दर्ज किया है। यह अपनी तरह की पहली घटना है।
हैदराबाद में ट्रैफिक पुलिस ने एक बीएमडब्ल्यू ड्राइवर को पकड़ा है जिसने चालान से बचने के लिए अपनी कार की नंबर प्लेट बदलने के लिए एक हाई-टेक तरीका अपनाया था। शनिवार रात जुबली हिल्स में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस को इस अनोखे तरीके का पता चला। गाड़ी का मालिक कथित तौर पर रिमोट से कंट्रोल होने वाली फ्लिप नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे वह एक बटन दबाकर दिल्ली और तेलंगाना की नंबर प्लेट बदल सकता था। पुलिस इस एडवांस सिस्टम को देखकर हैरान रह गई और गाड़ी को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। यह अपनी तरह की पहली घटना बताई जा रही है।
हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दो दिनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने के कुल 466 मामले दर्ज किए हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर पूरे शहर में सख्त कार्रवाई जारी है। इनमें से ज्यादातर मामले दोपहिया वाहनों से जुड़े हैं, जिनकी संख्या 404 है। सबसे ज्यादा उल्लंघन 21 से 30 साल की उम्र के लोगों में पाए गए। पुलिस ने 16 अपराधियों को दोषी ठहराया और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई।इसी बीच, साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस (सीटीपी) ने भी सप्ताहांत में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 240 आरोपियों को पकड़ा गया। इस दौरान कुल 193 दोपहिया, नौ तिपहिया और 38 चारपहिया वाहन जब्त किए गए। पकड़े गए आरोपियों के ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (बीएसी) के स्तर के आधार पर उन्हें वर्गीकृत किया गया। 199 दोषियों का बीएसी स्तर 36 एमजी/100 एमएल से 200 एमजी/100 एमएल के बीच था। वहीं, 32 का बीएसी स्तर 201 एमजी/100 एमएल से 300 एमजी/100 एमएल के बीच पाया गया। बाकी बचे नौ दोषियों के बीएसी लेवल 301 एमजी/100 एमएल से लेकर 550 एमजी/100 एमएल तक थे, जो काफी खतरनाक स्तर है।
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सभी पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि शराब पीकर गाड़ी चलाना एक बहुत ही गंभीर अपराध है। अगर कोई व्यक्ति नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है और उसकी वजह से कोई जानलेवा हादसा हो जाता है, तो ऐसे व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।
यह हाई-टेक नंबर प्लेट बदलने वाला मामला वाकई चौंकाने वाला है। सोचिए, एक बटन दबाते ही नंबर प्लेट बदल जाती थी! यह ड्राइवर चालान से बचने के लिए कितना शातिर दिमाग लगा रहा था। पुलिस ने जब इस कार को रोका, तो वे भी हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि कार में एक ऐसा सिस्टम लगा है जो नंबर प्लेट को पलक झपकते ही बदल सकता है। यह सिस्टम रिमोट से कंट्रोल होता था। ड्राइवर ने दो अलग-अलग राज्यों की नंबर प्लेटें लगाई हुई थीं, ताकि वह कहीं भी पकड़ा जाए तो आसानी से नंबर बदलकर बच सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अपनी तरह की पहली घटना है जहाँ किसी कार में नंबर प्लेट बदलने के लिए इतना एडवांस सिस्टम लगा हुआ पाया गया हो। यह सिस्टम इतना हाई-टेक था कि पुलिस वाले भी इसे देखकर दंग रह गए। उन्होंने तुरंत गाड़ी को जब्त कर लिया और ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। आगे की जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सिस्टम कहाँ से आया और क्या इसका इस्तेमाल पहले भी हुआ है।
यह घटना सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चिंता पैदा करती है। जहाँ एक तरफ पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे तरीके अपना रहे हैं जिनसे वे कानून से बच सकें। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दो दिनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने के 466 मामले दर्ज किए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग अभी भी अपनी जान और दूसरों की जान को खतरे में डाल रहे हैं।
इनमें से ज्यादातर मामले दोपहिया वाहनों से जुड़े हैं। यानी, बाइक और स्कूटर चलाने वाले लोग ज्यादा नशे में पकड़े जा रहे हैं। सबसे ज्यादा उल्लंघन 21 से 30 साल की उम्र के लोगों में पाए गए। यह युवा पीढ़ी के लिए एक चेतावनी है। पुलिस ने 16 ऐसे अपराधियों को जेल भी भेजा है, जिन्होंने शराब पीकर गाड़ी चलाई और पकड़े गए।
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने भी अपने इलाके में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया। उन्होंने 240 लोगों को पकड़ा। इन पकड़े गए लोगों में 193 बाइक सवार, 9 तिपहिया वाहन चलाने वाले और 38 कार चालक शामिल थे। इन सभी के ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (बीएसी) के स्तर की जांच की गई। कुछ लोगों का बीएसी स्तर बहुत ज्यादा था, जो यह बताता है कि वे कितनी ज्यादा शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशे में गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है। अगर कोई नशे में गाड़ी चलाता है और उसकी वजह से किसी की जान चली जाती है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत केस चलेगा। इस धारा के तहत 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। यह कानून यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लोग अपनी हरकतों के लिए जिम्मेदार हों और सड़क पर दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।