असम कांग्रेस को बड़ा झटका: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा BJP में शामिल, शेरमन अली अहमद रायजोर दल में

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असम कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनसे मुलाकात की। वहीं, निलंबित विधायक शेरमन अली अहमद ने रायजोर दल का दामन थाम लिया है। अहमद मटिया से टिकट मांगेंगे। सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

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गुवाहाटी, 17 फरवरी (भाषा) असम में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे, वहीं पार्टी के निलंबित विधायक शेरमन अली अहमद ने मंगलवार को रायजोर दल का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बोरा के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की, जिसके बाद यह घोषणा हुई। सरमा ने दावा किया कि बोरा के जाने से कांग्रेस की हालत और खराब होगी और यह पार्टी अब हिंदुओं के लिए नहीं रही।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि भूपेन बोरा अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "बोरा अपने कुछ समर्थकों के साथ गुवाहाटी में भाजपा में शामिल होंगे। लखीमपुर में भी एक कार्यक्रम होगा, जहाँ से वे आते हैं। वहां भी कई कांग्रेस सदस्य उनके साथ आना चाहते हैं।" सरमा ने यह भी कहा कि बोरा को भाजपा में वह मंच मिलेगा जहाँ वे अपने मन का काम कर सकेंगे। उन्होंने बोरा को अपना पुराना साथी बताया और कहा कि वे काफी समय बाद मिले और पुरानी बातें कीं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी अब हिंदुओं के लिए नहीं बची है। उन्होंने कहा, "भूपेन बोरा कांग्रेस के आखिरी ऐसे हिंदू नेता थे जिनका पार्टी में कोई पारिवारिक इतिहास नहीं था।" सरमा ने यह भी दावा किया कि बोरा कांग्रेस में लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे और उन्हें भाजपा में बेहतर अवसर मिलेगा। जब उनसे पूछा गया कि बोरा किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, तो सरमा ने कहा कि इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोरा किसी सीट के बदले भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने मज़ाक में कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो बोरा उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र जालुकबाड़ी से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

भूपेन बोरा ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इसे स्वीकार नहीं किया था और उन्हें मनाने की कोशिश की थी। इसके बाद बोरा ने अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए समय मांगा था, इसी बीच मुख्यमंत्री सरमा ने उनसे मुलाकात की और भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी। बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ नहीं कहा।

दूसरी ओर, निलंबित विधायक शेरमन अली अहमद ने बारपेटा जिले के कलगाछिया में रायजोर दल की सदस्यता ग्रहण की। रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। तीन बार के विधायक अहमद ने कहा कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में मटिया निर्वाचन क्षेत्र से टिकट मांगेंगे। उन्होंने दावा किया कि AIUDF और कांग्रेस दोनों ने उन्हें "अन्याय के खिलाफ और गरीबों व वंचितों की आवाज उठाने" के कारण बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कहा, "मैं लोगों के अधिकारों के लिए लड़ता रहूंगा और जनता का समर्थन मांगूंगा।"

शेरमन अली अहमद पहले 2011 में AIUDF के टिकट पर विधायक बने थे। AIUDF से निकाले जाने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए और 2016 व 2021 में बागबोर सीट से जीत हासिल की। उन्हें अक्टूबर 2021 में "बार-बार पार्टी अनुशासन तोड़ने" के आरोप में कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। सितंबर 2021 में, डी.आर. रंग जिले में एक बेदखली अभियान के खिलाफ "भड़काऊ" बयान देने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

कांग्रेस के एक और तीन बार के विधायक अब्दुर रशीद मंडल ने सोमवार को रायजोर दल का दामन थामा था। मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस में कई जमीनी स्तर के मुस्लिम नेता हैं जो असंतुष्ट हैं और भविष्य में रायजोर दल में शामिल होंगे। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2031 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस नहीं, बल्कि रायजोर दल होगा। कांग्रेस ने इन घटनाक्रमों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।

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