बिरला ओपस पेंट्स की 'समर्थ' पहल: पेंटर्स और ठेकेदारों के लिए वित्तीय सुरक्षा योजनाओं तक आसान पहुँच

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बिरला ओपस पेंट्स ने 'प्रोजेक्ट समर्थ' के तहत पेंटर्स और ठेकेदारों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाई है। कंपनी ने 5,000 से अधिक श्रमिकों को ई-श्रम, आयुष्मान भारत और बीमा योजनाओं में नामांकित करने में मदद की है। आयोजित शिविरों में श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है और ऑन-स्पॉट पंजीकरण में सहायता दी जा रही है।

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बिरला ओपस पेंट्स ने 'प्रोजेक्ट समर्थ' के तहत देश भर में पेंटर्स और ठेकेदारों के लिए वित्तीय सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच को आसान बनाने का बीड़ा उठाया है। इस पहल के माध्यम से, कंपनी ने अब तक 5,000 से अधिक श्रमिकों को ई-श्रम, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में नामांकित करने में मदद की है। प्रोजेक्ट समर्थ के तहत आयोजित शिविरों में श्रमिकों को इन योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है और ऑन-स्पॉट पंजीकरण में सहायता प्रदान की जा रही है।

यह पहल उन पेंटर्स और ठेकेदारों के लिए एक बड़ा कदम है, जिन्हें अक्सर सरकारी योजनाओं की जानकारी और उन तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बिरला ओपस पेंट्स, जो ग्रासिम इंडस्ट्रीज का हिस्सा है, इस अंतर को पाटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। 'प्रोजेक्ट समर्थ' का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है।
हाल के महीनों में, 'प्रोजेक्ट समर्थ' के तहत जागरूकता और नामांकन शिविर बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ और मुंबई जैसे शहरों में सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों को खास तौर पर इसलिए डिज़ाइन किया गया है ताकि सरकारी योजनाओं तक पहुंच को सरल बनाया जा सके और जागरूकता की कमी को दूर किया जा सके, जो अक्सर श्रमिकों को इन लाभों से वंचित रखती है।

ये शिविर एक तरह के सहायता मंच के रूप में काम करते हैं। यहां श्रमिकों को ई-श्रम, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी पहलों के बारे में जानकारी दी जाती है। साथ ही, उन्हें इन योजनाओं में तुरंत पंजीकरण कराने में भी मदद की जाती है। शिविरों में विशेष हेल्प डेस्क और प्रशिक्षित प्रतिनिधि होते हैं जो श्रमिकों की पात्रता जांचने, जरूरी कागजात तैयार करने और मौके पर ही पंजीकरण कराने में सहायता करते हैं।

इस पहल के माध्यम से, बिरला ओपस पेंट्स ने अब तक 5,000 से अधिक पेंटर्स और ठेकेदारों को विभिन्न योजनाओं में नामांकित किया है। यह पेंट उद्योग की रीढ़ माने जाने वाले इस समुदाय के लिए वित्तीय जागरूकता और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

'प्रोजेक्ट समर्थ' की एक खास बात 'योजना कार्ड' का परिचय है। यह कार्ड उन श्रमिकों को दिया जाता है जिनका नामांकन होता है। इस कार्ड पर एक खास क्यूआर कोड होता है। इस कोड की मदद से लाभार्थी एक ही डैशबोर्ड पर अपनी सभी नामांकित योजनाओं की स्थिति को डिजिटल रूप से देख सकते हैं और ट्रैक कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म उन्हें अन्य योजनाओं के बारे में जानने, अपनी पात्रता जांचने और खुद से आगे के नामांकन शुरू करने की सुविधा भी देता है। यह कल्याणकारी सेवाओं तक पहुंचने का एक सरल और केंद्रीकृत तरीका प्रदान करता है।

इस पहल पर बात करते हुए, श्रीकांत एस.के., हेड - कस्टमर एक्सपीरियंस, ने कहा, "बिरला ओपस पेंट्स में, पेंटर्स और ठेकेदारों के साथ हमारा रिश्ता सिर्फ उत्पादों और कार्यक्रमों से कहीं बढ़कर है। यह एक दीर्घकालिक साझेदारी और समुदाय की भलाई पर आधारित है। 'प्रोजेक्ट समर्थ' के माध्यम से, हमारा लक्ष्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच को सरल बनाना, वित्तीय जागरूकता प्रदान करना और जमीनी स्तर पर सहायता देना है, ताकि श्रमिक और उनके परिवार भविष्य के लिए अधिक वित्तीय स्थिरता का निर्माण कर सकें। इस पहल को मिल रहा उत्साह ऐसी पहलों के महत्व को पुष्ट करता है, और हम इन प्रयासों को और अधिक क्षेत्रों में विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

'प्रोजेक्ट समर्थ' के साथ, बिरला ओपस पेंट्स यह साबित कर रही है कि पेंटर्स और ठेकेदारों के साथ मजबूत साझेदारी केवल पेशेवर सहयोग से कहीं अधिक है। इस पहल के प्रभाव को दर्शाने के लिए, बिरला ओपस पेंट्स ने एक छोटा वीडियो भी बनाया है। इस वीडियो में उन पेंटर्स और ठेकेदारों के अनुभव साझा किए गए हैं जिन्होंने शिविरों में भाग लिया था। वे बताते हैं कि कैसे 'प्रोजेक्ट समर्थ' ने उन्हें उन कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंचने में मदद की, जिन्हें पहले समझना और उन तक पहुंचना बहुत मुश्किल था।

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