चीन ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष विराम का स्वागत किया, मध्यस्थता पर चुप्पी

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चीन ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हुए अस्थायी संघर्ष विराम का स्वागत किया है। चीन दोनों देशों के प्रयासों की सराहना करता है। यह संघर्ष विराम ईद-उल-फितर के मौके पर हुआ। चीन इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है। इस संघर्ष विराम से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है।

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चीन ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हुए अस्थायी संघर्ष विराम का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जिआन ने कहा कि चीन दोनों देशों के प्रयासों की सराहना करता है। यह संघर्ष विराम ईद-उल-फितर के मौके पर और सऊदी अरब, तुर्की व कतर के कहने पर हुआ। हालांकि, चीन की मध्यस्थता की खबरों को प्रवक्ता ने नजरअंदाज कर दिया।

इससे पहले, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों से बात कर संघर्ष विराम और सीधी बातचीत का आग्रह किया था। चीन के विशेष दूत युए झियाओयोंग भी लगातार दोनों देशों के संपर्क में थे ताकि संघर्ष विराम हो सके।
अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ने काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमला किया था। इस हमले में 400 से ज्यादा मरीज मारे गए थे। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।

यह संघर्ष विराम ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादी समूह उसके लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। वहीं, अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान उसके आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है।

चीन, जो दोनों देशों का पड़ोसी है, इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है। चीन का मानना है कि अफगानिस्तान में शांति से ही पूरे क्षेत्र में विकास हो सकता है। इसलिए, चीन दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।

इस अस्थायी संघर्ष विराम से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है। यह दोनों देशों को बातचीत के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाने का मौका दे सकता है। उम्मीद है कि यह संघर्ष विराम लंबा चलेगा और दोनों देश शांतिपूर्ण समाधान की ओर बढ़ेंगे।

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