Delhi Hcs Strict Order For Peace In Uttam Nagar On Eid Heavy Police Surveillance Arrangement To Continue Till Ram Navami
दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्देश: ईद पर उत्तम नगर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की कड़ी निगरानी
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तम नगर में ईद के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। होली पर हुई हत्या के बाद तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अदालत ने कहा कि पुलिस की तैनाती से लोगों में सुरक्षा का एहसास होना चाहिए। यह व्यवस्था राम नवमी तक जारी रहेगी।
नई दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए ईद के मौके पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि पुलिस की तैनाती ऐसी हो कि लोगों में सुरक्षा का एहसास हो और किसी को भी ऐसी हरकत करने की इजाजत न दी जाए जिससे माहौल बिगड़े। यह व्यवस्था राम नवमी तक जारी रहेगी। यह निर्देश एक नागरिक अधिकार समूह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए गए, जिसने ईद पर सांप्रदायिक हिंसा की आशंका जताई थी।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायाधीश तेजस कारिया की पीठ ने साफ कहा कि ईद खुशियों का त्योहार है और यह अधिकारियों का फर्ज है कि इस पवित्र मौके पर कोई भी अप्रिय घटना सार्वजनिक जीवन को प्रभावित न करे। अदालत ने कहा, "इसलिए हम पुलिस और नागरिक प्रशासन को निर्देश देते हैं कि वे कानून के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि किसी भी तरह से स्थिति न बिगड़े। ईद के मौके पर शांतिपूर्ण माहौल कायम किया जाए।"पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की मौजूदगी से सभी लोगों के मन में सुरक्षा और भरोसे की भावना पैदा होनी चाहिए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि समाज का कोई भी वर्ग ऐसी कोई भी शरारत न करे जिससे "अप्रिय स्थिति" पैदा होने की आशंका हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह पुलिस व्यवस्था आगामी राम नवमी तक जारी रहेगी।
यह मामला पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर का है, जहाँ होली के जश्न के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया था। इस झगड़े में एक 26 वर्षीय युवक की जान चली गई थी। इस घटना के संबंध में पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है और कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस की ओर से पेश वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि 5 मार्च से ही इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) तैनात किए गए हैं। यह कदम इलाके में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
नागरिक अधिकार समूह 'एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स' ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। समूह ने अपनी जनहित याचिका (पीआईएल) में उत्तम नगर में ईद के अवसर पर सांप्रदायिक हिंसा फैलने की आशंका जताई थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ये महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईद एक ऐसा त्योहार है जो लोगों को खुशी और भाईचारे का संदेश देता है। इसलिए, यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि इस अवसर पर कोई भी ऐसी घटना न हो जो समाज में अशांति फैलाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी समुदायों के लोग बिना किसी डर के अपने त्योहार मना सकें।
अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस को केवल बल प्रयोग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों के बीच विश्वास पैदा करने का भी प्रयास करना चाहिए। इसका मतलब है कि पुलिस को संवेदनशील तरीके से काम करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी समुदाय को यह महसूस न हो कि उनके साथ भेदभाव हो रहा है।
यह मामला दिखाता है कि कैसे छोटी-छोटी बातों पर भी तनाव बढ़ सकता है और गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऐसे में, प्रशासन और पुलिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है ताकि वे समय रहते ऐसे मुद्दों को सुलझा सकें और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक सकें। अदालत के निर्देश इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।