सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: जानें क्या है वजह

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राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। चांदी 17,800 रुपये लुढ़ककर 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोने की कीमत भी 7,000 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

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नई दिल्ली, 19 मार्च: राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। चांदी 17,800 रुपये लुढ़ककर 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, वैश्विक बाजारों में बिकवाली के चलते सोने की कीमत भी 7,000 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। यह गिरावट बढ़ती महंगाई की चिंताओं, केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे कई कारणों का नतीजा है।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत में 17,800 रुपये, यानी करीब सात प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह 2,38,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर बंद हुई, जो बुधवार को 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी। चांदी की कीमत अब 29 जनवरी को दर्ज किए गए अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,65,800 रुपये या 41 प्रतिशत नीचे आ चुकी है।
इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में भी 7,000 रुपये, यानी 4.37 प्रतिशत की गिरावट आई। यह 1,53,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जबकि बुधवार को यह 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। सोने की कीमत भी 29 जनवरी को अपने उच्चतम स्तर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से 29,700 रुपये या 16.23 प्रतिशत तक गिर चुकी है।

विश्लेषकों का मानना है कि सर्राफा कीमतों में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई की चिंताएं निवेशकों को परेशान कर रही हैं। साथ ही, केंद्रीय बैंक, खासकर अमेरिकी फेडरल रिज़र्व और बैंक ऑफ़ जापान, अपनी मौद्रिक नीतियों को सख्त कर रहे हैं। इसका मतलब है कि वे ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं, जिससे सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेश कम आकर्षक हो जाता है। इसके अलावा, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रही है।

विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी देखी गई। हाजिर चांदी 4.88 डॉलर, यानी 6.48 प्रतिशत गिरकर 70.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सोना भी 140.19 डॉलर, यानी लगभग तीन प्रतिशत टूटकर 4,678.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड के जिंस विश्लेषक, मानव मोदी ने कहा कि अब निवेशक बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और यूरोपियन केंद्रीय बैंक के नीतिगत फ़ैसलों पर बारीकी से नज़र रखेंगे। इन बैंकों के फैसले भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भविष्य के बारे में बात करते हुए एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस और मुद्रा के उपाध्यक्ष-शोध विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने कहा कि अल्पावधि में बाजार का रुख कमजोर या अस्थिर बना हुआ है। ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों और भू-राजनीतिक संकेतों में होने वाले बदलावों के चलते कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसका मतलब है कि सोने-चांदी की कीमतें अभी भी ऊपर-नीचे होती रहेंगी। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

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