पश्चिम बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में UP से 3 गिरफ्तार, जांच जारी

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पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच दल ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। डिजिटल सबूतों और अंतरराज्यीय कनेक्शनों की मदद से हत्यारों का पता चला।

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कोलकाता, 11 मई: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक करीबी, चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या छह मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई थी। जांचकर्ताओं ने डिजिटल सबूतों और अंतरराज्यीय कनेक्शनों की मदद से इस बड़ी सफलता को हासिल किया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि हत्यारे पश्चिम बंगाल के बाहर के थे। उन्होंने कहा, "यह एक बड़ी सफलता है।" तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और अन्य जानकारियों के आधार पर एसआईटी की टीम उत्तर प्रदेश और बिहार भेजी गई थी। वहां से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तार लोगों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया जाएगा।
गिरफ्तार किए गए लोगों में विशाल श्रीवास्तव भी शामिल है, जो बिहार के बक्सर जिले के पंडियापट्टी का रहने वाला है। बाकी दो आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस को शक है कि इनमें से एक व्यक्ति शार्पशूटर हो सकता है। अधिकारी ने बताया कि इस हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि हत्यारों ने वारदात से पहले इलाके की पूरी जानकारी ली थी और एक सुनियोजित तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया। उन्होंने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।

शुरुआती जांच में यह पता चला है कि चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को मध्यमग्राम क्रॉसिंग के पास दोहाड़िया इलाके में एक कार ने रोका था। उसी समय एक मोटरसाइकिल भी वहां आ पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। उस समय कार में सवार एक व्यक्ति ने यूपीआई (UPI) के जरिए टोल का भुगतान किया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया, "इस डिजिटल भुगतान ने हमें एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद की और एक संदिग्ध की पहचान स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद जांच की सुई आरोपियों तक पहुंची।" अब जांचकर्ता गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई कार और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरों का मिलान कर रहे हैं।

यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद हुई थी। चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसआईटी ने बताया कि मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए राज्य के कई हिस्सों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए कई कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रथ के वाहन को मध्यमग्राम क्रॉसिंग के पास दोहाड़िया इलाके में एक कार ने रोका था, और उसी समय एक मोटरसाइकिल भी वहां पहुंची थी।

जांच में यह भी पता चला है कि हमले में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। उस दौरान कार में सवार एक व्यक्ति ने यूपीआई के जरिए टोल का भुगतान किया था। पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस डिजिटल भुगतान ने हमें एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद की और एक संदिग्ध की पहचान स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद जांच की सुई आरोपियों तक पहुंची।” जांचकर्ता अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तथा टोल प्लाजा पर वाहन तथा उसमें बैठे लोगों की सीसीटीवी कैमरे में आईं तस्वीरों का मिलान कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद ही चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसआईटी ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए राज्य के कई हिस्सों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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