n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
सेक्टर-89 एरिया में सोमवार सुबह करीब 11 बजे एक दूसरे से सटे चार फर्नीचर के गोदामों में भीषण आग लग गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड के अलग-अलग स्टेशनों से सात गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि लाखों रुपये के फर्नीचर के जलने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इन गोदामों के मालिक अलग-अलग हैं, इनमें यूपी के जैद खान सहित जावेद, शाद, नौशाद, जुबेर, जाहिर, असगर खान और शमशेर खान शामिल हैं। सभी गोदाम फर्नीचर, लकड़ी व अन्य ज्वलनशील सामग्री से भरे हुए थे। इसी कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा था, लेकिन बाद में दमकल टीम ने वेल्डिंग के दौरान उठी चिंगारी को संभावित वजह माना है।
ट्रैफिक डायवर्ट, पेट्रोल पंप कराया बंद
आग लगने वाले गोदामों के पास ही स्थित नायरा एनर्जी का पेट्रोल और सीएनजी पंप होने के कारण खतरा और बढ़ गया था। एहतियात के तौर पर पंप को तुरंत बंद करवा दिया गया और वहां एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने पूरे एरिया को घेरकर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया। फायर ब्रिगेड विभाग के साथ पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही।
गर्मी में बढ़ जाता है खतरा, सावधानी ज़रूरी : कारखानों और गोदामों में बिजली के तारों की समय-समय पर जांच कराएं। पुरानी वायरिंग और ढीले कनेक्शन शॉर्ट सर्किट का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। साथ ही किसी भी ज्वलनशील सामग्री जैसे लकड़ी, कपड़ा, कागज के पास वेल्डिंग या कटिंग का काम न करें। सुनिश्चित करें कि गोदाम या दुकान में रखे फायर एक्सटिंगुइशर चालू हालत में हों और कर्मचारियों को उन्हें चलाना आता हो।
इसके साथ ही एक ही सॉकेट में कई भारी उपकरण जैसे एसी, कूलर, मशीनें न लगाएं।

