लोन रिकवरी एजेंट बन किया कॉल, ठगे एक लाख रुपये

नवभारतटाइम्स.कॉम

साइबर अपराधियों ने लोन रिकवरी के नाम पर ठगी का नया तरीका अपनाया है। मानेसर के रणविजय चौधरी से फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बनकर ठगों ने एक लाख आठ हजार रुपये हड़प लिए। वॉट्सऐप पर आए मैसेज के बाद उन्होंने दी गई UPI ID पर पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।

loan recovery agent fraud rs 1 lakh duped case registered at cyber crime police station

n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

साइबर अपराधियों ने अब लोन रिकवरी के नाम पर ठगी का तरीका अपनाया है। मानेसर के सेक्टर-78 निवासी रणविजय चौधरी से फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बन ठगों ने एक एक लाख आठ हजार रुपये हड़प लिए। साइबर क्राइम थाना मानेसर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

रणविजय ने बताया कि उन्हें वॉट्सऐप पर अनजान नंबर से आशीष नाम के शख्स का मेसेज आया, उसने खुद को 'फास्ट पैसे' कंपनी से बताया। आरोपी के पास उनके लोन की पूरी जानकारी थी। उसने कहा कि कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट में समस्या है, इसलिए वह दी गई UPI ID और बैंक खाते में एक लाख आठ हजार रुपये का पेमेंट कर दें। झांसे में आकर उन्होंने 25 मार्च को तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर एक लाख आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पेमेंट के बाद आरोपी ने 15 मिनट में NOC भेजने का वादा किया, लेकिन बाद में टालमटोल करने लगा। अगले दिन सुबह नटराजा नाम के अन्य शख्स ने फोन कर दावा किया कि पिछला भुगतान गलत आईडी पर हुआ है और वह कंपनी की आधिकारिक आईडी नहीं थी। उसने फिर से नए सिरे से भुगतान की मांग की, इसके बाद उनको ठगी का एहसास हुआ और शिकायत दी।

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