टैरिफ में राहत से उद्योगों को संजीवनी, निर्यातकों में जगी उम्मीद

नवभारत टाइम्स

अमेरिका द्वारा टैरिफ में कटौती से भारत के उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। गारमेंट्स, ऑटो पार्ट्स, मेडिकल इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के निर्यातकों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से अस्थिर बाजार और फंसे ऑर्डर से जूझ रहे उद्योगों को अब गति मिलने की आशा है।

50 tariff cut indian industries and exporters get lifeline new hope ignited
अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इस फैसले से गुड़गांव और मानेसर के उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है। खासकर गारमेंट्स, ऑटो पार्ट्स, मेडिकल इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के निर्यातकों में नई उम्मीद जगी है। यह कदम अमेरिका द्वारा पिछले पांच महीनों से लगाए गए ऊंचे शुल्कों के बाद उठाया गया है।

इस टैरिफ कटौती को उद्योगों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। लंबे समय से बाजार में चल रही अनिश्चितता, अटके हुए ऑर्डर और फंसी हुई पूंजी से परेशान उद्योगों को अब फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। यह राहत उन उद्यमियों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जो अमेरिका के साथ आयात-निर्यात का काम करते हैं।
हालांकि, उद्यमी वर्ग इस फैसले को लेकर सतर्क भी है। वे अमेरिका-भारत व्यापार नीति में आगे आने वाली स्पष्टता और निरंतरता पर नजर बनाए हुए हैं। वे इस राहत को स्थायी मानने से पहले कुछ और समय तक स्थिति का जायजा लेना चाहते हैं। यह कदम भारत के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।