Action On Water Defaulters In Greater Noida 101 Societies Noticed For Rs 150 Crore Dues
पानी के बकायेदारों पर शिकंजा, 101 सोसायटियों को भेजा नोटिस
नवभारत टाइम्स•
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने पानी के बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। 101 सोसायटियों को नोटिस भेजा गया है जिन पर करीब 150 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। कुछ सोसायटियों ने नोटिस के बाद भुगतान शुरू कर दिया है। जो सोसायटी भुगतान नहीं करेंगी उनके खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने पानी के बड़े बकायेदारों पर नकेल कस दी है। अथॉरिटी ने 101 हाउसिंग सोसायटियों को नोटिस भेजा है, जिन पर करीब 150 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बिल बकाया है। इस सख्ती के बाद कुछ सोसायटियों ने पैसा जमा करना शुरू कर दिया है, लेकिन जो सोसायटी पैसा नहीं जमा करेंगी, उनके खिलाफ अथॉरिटी आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर वसूली की कार्रवाई करेगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी सोसायटियों को पानी की आपूर्ति करती है और अब गंगाजल की आपूर्ति भी बढ़ाई जा रही है। इस जलापूर्ति के बदले अथॉरिटी शुल्क वसूलती है, लेकिन इसके बावजूद आवंटी समय पर भुगतान नहीं करते। पिछले साल भी अथॉरिटी ने पानी बिल वसूलने के लिए सख्ती बरती थी, तब बड़े बकायेदारों से 43 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।
पानी का बिल वसूलना अथॉरिटी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जल विभाग ने बकायेदारों से वसूली के लिए एक खास प्लान तैयार किया है और उस पर काम भी शुरू कर दिया है। इस प्लान के तहत सबसे पहले उन सोसायटियों को निशाना बनाया गया है जिन पर सबसे ज्यादा बकाया है। ग्रेटर नोएडा की 101 ऐसी बिल्डर सोसायटियों को चिह्नित किया गया है, जिन पर पानी का बिल बहुत ज्यादा बकाया है। इन सोसायटियों पर 30 लाख रुपये से लेकर 2 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का बिल बकाया है। कुल मिलाकर इन 101 सोसायटियों पर 150 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बाकी है। अगर इसका औसत निकाला जाए तो हर सोसायटी पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का पानी का बिल बकाया है।जल विभाग के सीनियर मैनेजर विनोद शर्मा ने बताया कि बकाया जमा कराने के लिए सभी 101 सोसायटियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "जिस सोसायटी को जिस समय बिल जमा किया गया है, उस दिन से जमा करने की समय सीमा तय की गई है।" नोटिस जारी होने के बाद बकायेदारों ने बिल जमा करना शुरू कर दिया है। अब तक करीब दर्जनभर सोसायटियों ने अपना बकाया भुगतान कर दिया है। अथॉरिटी की यह सख्ती उन सोसायटियों के लिए है जो समय पर भुगतान नहीं कर रही हैं।
विनोद शर्मा ने आगे बताया कि जो सोसायटी बकाया राशि जमा नहीं करेगी, उसके खिलाफ आरसी जारी करने की तैयारी है। आरसी जारी होने का मतलब है कि अथॉरिटी कानूनी तौर पर उस सोसायटी से बकाया पैसा वसूलने के लिए आगे बढ़ेगी। यह एक तरह की सरकारी वसूली की प्रक्रिया है। अथॉरिटी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी सोसायटियां पानी के बिल का भुगतान समय पर करें ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
यह पहली बार नहीं है जब अथॉरिटी ने पानी के बिल की वसूली के लिए सख्ती बरती है। पिछले साल भी अथॉरिटी ने इसी तरह की कार्रवाई की थी और बड़े बकायेदारों से 43 करोड़ रुपये की वसूली करने में सफल रही थी। इससे पता चलता है कि पानी के बिल की वसूली अथॉरिटी के लिए एक बड़ी चुनौती रही है और इसके लिए उन्हें लगातार प्रयास करने पड़ते हैं। इस बार अथॉरिटी ने और भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है और 150 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी सोसायटियों को पानी की आपूर्ति करती है, और अब गंगाजल की आपूर्ति भी बढ़ाई जा रही है। इसका मतलब है कि लोगों को बेहतर जलापूर्ति मिल रही है। लेकिन इस सुविधा के बदले अथॉरिटी को शुल्क मिलता है, और जब यह शुल्क समय पर जमा नहीं होता तो अथॉरिटी को अपनी सेवाओं को बनाए रखने में दिक्कत आती है। इसलिए, यह वसूली अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।