Continuity Of Life Seen In Kathaks Rhythm Grand Cultural Evening On Birju Maharajs Birth Anniversary
कथक की लय में दिखी जीवन की निरंतरता
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ में बिरजू महाराज कथक संस्थान ने जयंती पर दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया। गुरुवार को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक संध्या हुई। वहीं, भारतेंदु नाट्य अकादमी के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दो छात्रों ने जेआरएफ और एक ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्रता हासिल की।
लखनऊ में पंडित बिरजू महाराज की जयंती पर आयोजित दो दिवसीय कथक समारोह का समापन गुरुवार को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के ‘कला मंडपम’ प्रेक्षागृह में एक शानदार सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। इस समारोह में देश भर के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं और भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया।
समारोह की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और गुरु डॉ. पूर्णिमा पांडेय थीं। कार्यक्रम की शुरुआत गायन प्रशिक्षिका मीना वर्मा के निर्देशन में ‘चतुरंग’ विधा में राग यमन और तीन ताल पर आधारित प्रस्तुति ‘वारी-वारी जाऊं तोपे गिरधारी’ से हुई, जिसने श्रोताओं को कृष्ण भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। इसके बाद असम, गुवाहाटी से आईं नृत्यांगना मेघरंजनी और उनकी बेटी मरमी मेधी ने लखनऊ घराने की शुद्ध शैली में कथक की प्रस्तुति दी। उन्होंने विलंबित, मध्य और द्रुत लय में परंपरागत तोड़े, टुकड़े और परन पेश किए। ‘घोड़े की चाल’ का उनका अभ्यास और तकनीकी कुशलता दर्शकों को खूब पसंद आई। अभिनय पक्ष में माधवदेव के बोरगीत ‘तेजोरे कमला पोथी’ और सूरदास के पद ‘मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो’ ने वात्सल्य और भक्ति की भावना को गहराई से छुआ।समारोह की एक खास प्रस्तुति अहमदाबाद के विश्वविख्यात कंदब सेंटर फॉर डांस एंड म्यूजिक के कलाकारों ने दी। पद्म विभूषण गुरु कुमुदिनी लखिया की संकल्पना पर आधारित नृत्य-रचना ‘अतः किम्’ को मंच पर बहुत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष डॉ. कुमकुम धर भी मौजूद रहीं।
वहीं, भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के तृतीय सेमेस्टर के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपनी धाक जमाई है। नाट्य विधा में जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) के लिए देश भर से केवल तीन विद्यार्थियों का चयन हुआ, जिनमें से दो छात्र कार्तुम तेरैया और विशाल दीप वर्मा बीएनए से हैं। यह उपलब्धि बीएनए के लिए बहुत बड़ी है। इसके अलावा, आकाश कुमार ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्रता हासिल की है, जो एक महत्वपूर्ण मुकाम है। अंकित कुमार और मानसी रावत ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जो उनकी अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। इन छात्रों की सफलता ने राष्ट्रीय स्तर पर बीएनए की पहचान को और मजबूत किया है।