राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत की आर्थिक शक्ति और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा। पूंजीगत व्यय में भारी वृद्धि हुई है। राजमार्ग निर्माण की गति बढ़ी है और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने केंद्रीय बजट को 'विकसित भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ एक सालाना हिसाब-किताब नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक ताकत और आत्मनिर्भरता का एक पक्का खाका है। राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने बताया कि साल 2013-14 के मुकाबले पूंजीगत खर्च 4.5 गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। 2014 में जहां हर दिन 12 किमी सड़कें बनती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 34 किमी प्रतिदिन हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन में भी भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 2014 के 1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 10 लाख करोड़ हो गया है। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने 772 करोड़ रुपये के टैक्स डिवोल्यूशन के लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया।
सांसद कार्तिकेय शर्मा ने इस बजट को भारत के आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूंजीगत व्यय (यानी विकास कार्यों पर खर्च) को काफी बढ़ाया है। यह खर्च 2013-14 में जहां 12 लाख करोड़ रुपये था, वहीं अब यह 4.5 गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।सड़कों के निर्माण में भी तेजी आई है। सांसद शर्मा ने बताया कि 2014 में हर दिन केवल 12 किलोमीटर सड़कें बनती थीं, लेकिन अब यह गति बढ़कर 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। इससे देश के कोने-कोने को जोड़ने में मदद मिल रही है। इसी तरह, इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन में भी जबरदस्त उछाल आया है। 2014 में जहां 1.9 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता को दर्शाता है।
सांसद कार्तिकेय शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दिए जाने वाले टैक्स के हिस्से (टैक्स डिवोल्यूशन) के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 772 करोड़ रुपये के टैक्स डिवोल्यूशन के लिए वे केंद्र सरकार के आभारी हैं। यह राशि राज्यों के विकास कार्यों में सहायक होगी। कुल मिलाकर, यह बजट भारत को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।