Closure Report Filed On Fake Admissions Court To Make Final Decision 50 Thousand Students Suspicious
फर्ज़ी दाखिलों पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल, कोर्ट करेगा अंतिम फैसला
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में फर्जी दाखिलों की जांच में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट सौंपी है। प्रदेश के 12,924 स्कूलों में जांच हुई, जिसमें करीब 50 हजार विद्यार्थी संदिग्ध मिले। हालांकि, किसी अधिकारी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले। अदालत ने रिपोर्ट स्वीकार नहीं की है और मामले की पूरी फाइल का अध्ययन करेगी।
चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में फर्जी दाखिलों के मामले में सीबीआई ने बुधवार को अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। जांच में प्रदेश के 12,924 स्कूलों के रिकॉर्ड खंगाले गए, जिसमें करीब 50 हजार छात्र संदिग्ध पाए गए। हालांकि, सीबीआई को किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले। सीबीआई की इस रिपोर्ट को फिलहाल अदालत ने स्वीकार नहीं किया है। सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने कहा है कि इतने बड़े स्तर पर हुई अनियमितताओं के बाद मामले को सीधे बंद नहीं किया जा सकता। कोर्ट पूरी फाइल का अध्ययन करने के बाद ही कोई फैसला लेगी।
यह पूरा मामला 2016 में शुरू हुआ था। गेस्ट टीचर्स की एक याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी। तब सरकार ने अदालत में 22 लाख छात्रों का रिकॉर्ड पेश किया था। जब इनमें से कुछ नामों की जांच की गई तो कई नाम संदिग्ध निकले। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। सीबीआई ने राज्य के 12,924 सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। इसमें प्रवेश रजिस्टर, हाजिरी, मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म और परीक्षा रिकॉर्ड शामिल थे। इस जांच में कुल 50,687 छात्र संदिग्ध पाए गए।सीबीआई को जांच के दौरान रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ियां जरूर मिलीं। लेकिन, उन्हें किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई आपराधिक साजिश रचने के पुख्ता सबूत नहीं मिले। यही वजह है कि सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में मामला बंद करने की सिफारिश की थी।
लेकिन, सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने इस रिपोर्ट को तुरंत स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। ऐसे में मामले को सीधे तौर पर बंद नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह पहले पूरी फाइल का ध्यान से अध्ययन करेगी। इसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। यानी, फर्जी दाखिलों का यह मामला अभी और खिंच सकता है।