Corruption In Development Authorities Sps Walkout From Legislative Council
विकास प्राधिकरणों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सपा का वॉक आउट
नवभारत टाइम्स•
विधान परिषद में विकास प्राधिकरणों में भ्रष्टाचार और मुआवजे की गड़बड़ियों पर भाजपा और सपा के बीच तीखी बहस हुई। वाराणसी में अवैध कब्जों के नाम पर मंदिरों और दुकानों को गिराने का मुद्दा भी उठा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में आज विकास प्राधिकरणों में फैले भ्रष्टाचार और किसानों को मिलने वाले मुआवजे में गड़बड़ियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों के बीच जोरदार बहस हुई। इस दौरान वाराणसी में अवैध कब्जों के नाम पर मंदिरों और दुकानों को गिराए जाने का मुद्दा भी उठा, जिस पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सपा सदस्यों ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को उनकी जमीन के बदले सही मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास प्राधिकरणों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जबकि बड़े अवैध निर्माण बेरोकटोक हो रहे हैं।सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने वाराणसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दालमंडी में दुकानों को गिरा दिया गया। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि वाराणसी के घाटों के पास नियमों को ताक पर रखकर होटल बनाए जा रहे हैं।
इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री अनिल राजभर ने कहा, "सनातन विचारधारा परवान चढ़ती है तो आप से देखा नहीं जाता। आप विकास विरोधी हैं।" मंत्री के इस बयान के बाद सदन में बहस और तेज हो गई।
मंत्री के जवाब से संतुष्ट न होने पर सपा सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इस वॉकआउट से विधान परिषद में आज का दिन काफी हंगामेदार रहा। यह घटना दर्शाती है कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और आम जनता के हितों की रक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।