Fci Chandausi Depot Manager And Incharge Caught Red handed Taking Rs 30000 Bribe By Cbi
FCI के चंदौसी डिपो मैनेजर और इंचार्ज रिश्वत लेते अरेस्ट
नवभारत टाइम्स•
सीबीआई ने भारतीय खाद्य निगम के चंदौसी डिपो मैनेजर और इंचार्ज को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। यह गिरफ्तारी एफसीआई डिपो पर धांधली और अवैध वसूली के मामले में हुई है। शिकायतकर्ता की शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ दबोच लिया।
लखनऊ: सीबीआई ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चंदौसी डिपो के मैनेजर सुनील त्यागी और असिस्टेंट ग्रेड-II (डिपो इंचार्ज) अशोक कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। यह गिरफ्तारी एफसीआई डिपो में चल रही धांधली और अवैध वसूली के मामले में हुई है। सीबीआई ने बुधवार को यह बड़ी कार्रवाई की।
सीबीआई के अनुसार, एक निजी फर्म चलाने वाले शिकायतकर्ता ने एफसीआई बबराला डिपो पर चावल के स्टैक जमा करवाए थे। जब वे और स्टैक जमा करवाने की प्रक्रिया में थे, तो डिपो इंचार्ज अशोक कुमार ने काम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इतना ही नहीं, आगे आने वाले हर 8 स्टैक के लिए 15-15 हजार रुपये अतिरिक्त देने को भी कहा गया।शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच में पता चला कि यह गोरखधंधा सिर्फ डिपो इंचार्ज का नहीं था, बल्कि डिपो मैनेजर सुनील त्यागी भी इसमें शामिल थे। सीबीआई ने जाल बिछाया और तय योजना के मुताबिक, दोनों अधिकारी रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 30 हजार रुपये लेने पहुंचे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने उन्हें पैसे दिए, सीबीआई की टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि डिपो इंचार्ज सिर्फ स्टैक पास करवाने के नाम पर ही पैसे नहीं वसूल रहा था, बल्कि हर अतिरिक्त स्टैक की प्रोसेसिंग के नाम पर भी अवैध वसूली करने की कोशिश कर रहा था। सीबीआई अब दोनों गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस रिश्वतखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या यह सिर्फ इन दोनों अधिकारियों का आपसी मिलीभगत का मामला था।
दोनों एफसीआई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके। यह घटना एफसीआई जैसे सरकारी महकमे में फैले भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
यह मामला सरकारी गोदामों में जमा होने वाले अनाज के प्रबंधन में हो रही गड़बड़ियों को भी उजागर करता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें अपने चावल के स्टैक को जमा करवाने और उनकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही थी। यह एक गंभीर चिंता का विषय है कि कैसे सरकारी अधिकारी अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके आम लोगों को परेशान कर रहे हैं।
सीबीआई की इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। उम्मीद है कि इस जांच के बाद ऐसे और भी मामले सामने आएंगे और दोषियों को सजा मिलेगी। यह घटना आम जनता के लिए एक संदेश है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और ऐसे अधिकारियों को बेनकाब करें। सीबीआई ने शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी है ताकि उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो।