Major Discrepancies Found In Records Of Seven Districts Cbi Explains The Reason
सात जिलों में मिली ज़्यादा गड़बड़ी
नवभारत टाइम्स•
मेवात, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, फतेहाबाद और यमुनानगर सहित सात जिलों में गड़बड़ी पाई गई। कुछ जिलों में यह 5 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक थी। सीबीआई के अनुसार, रिकॉर्ड में खामियां हैं लेकिन धोखाधड़ी के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। प्रशासनिक स्तर की गलतियां सामने आईं। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के आदेश का भी उल्लेख किया गया।
सीबीआई की जांच में हरियाणा के सात जिलों में सरकारी रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। मेवात, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, फतेहाबाद और यमुनानगर जैसे जिलों में यह गड़बड़ी 5% से लेकर 40% तक पाई गई। सीबीआई ने कहा है कि रिकॉर्ड में खामियां तो हैं, लेकिन धोखाधड़ी या किसी के निजी फायदे का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। ये गड़बड़ियां प्रशासनिक स्तर की बताई जा रही हैं, न कि किसी आपराधिक साजिश का नतीजा। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के एक आदेश का भी इस मामले में जिक्र किया गया है।
जांच में पता चला कि कई एंट्री जिला स्तर पर ही बदल दी गई थीं। इससे रिकॉर्ड में गलतियां हुईं। सीबीआई के मुताबिक, ये प्रशासनिक गलतियां थीं, जिनमें किसी तरह का आपराधिक मामला नहीं बनता।सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में एक आदेश दिया था, जिसका हवाला भी इस जांच में दिया गया है। यह आदेश शायद रिकॉर्ड कीपिंग या प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हो सकता है।
जिन सात जिलों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिलीं, उनमें मेवात, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, फतेहाबाद और यमुनानगर शामिल हैं। इन जिलों में गड़बड़ी का प्रतिशत अलग-अलग था। कुछ जिलों में यह 5% थी, तो कहीं-कहीं यह 40% तक पहुंच गई थी।
सीबीआई ने साफ किया है कि रिकॉर्ड में खामियां जरूर हैं, लेकिन जानबूझकर धोखाधड़ी या किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। यह एक राहत की बात है कि मामला आपराधिक नहीं है।