हरियाणा में 41 लाख गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं

नवभारत टाइम्स

हरियाणा की सड़कों पर 41 लाख से अधिक वाहन बिना बीमा के दौड़ रहे हैं। यह स्थिति वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरनाक है। प्रदेश में हर साल हजारों दुर्घटनाएं होती हैं जिनमें कई जानें जाती हैं। लोगों में जागरूकता की कमी है। पंजाब में स्थिति और भी गंभीर है।

हरियाणा में 41 लाख गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं
हरियाणा की सड़कों पर 41.61 लाख से ज़्यादा ऐसे वाहन दौड़ रहे हैं जिनका बीमा नहीं है। ये बिना बीमा वाले वाहन न सिर्फ़ गाड़ी चलाने वालों की जान के लिए ख़तरा हैं, बल्कि किसी दुर्घटना की सूरत में आम लोगों के परिवारों को भी भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। हर साल प्रदेश में लगभग 12 हज़ार छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 5 हज़ार लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसके बावजूद, न तो लोगों में अपने वाहनों का बीमा और फिटनेस कराने की जागरूकता आई है और न ही परिवहन विभाग ऐसे बिना बीमा और फिटनेस वाले वाहनों पर लगाम लगा पा रहा है। लोकसभा में पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में तो हालात हरियाणा से भी बदतर हैं, जहाँ 56.54 लाख वाहनों का बीमा नहीं है। चंडीगढ़ में लोग बीमा को लेकर ज़्यादा जागरूक हैं, लेकिन फिर भी सवा दो लाख से ज़्यादा वाहन बिना बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं।

यह चौंकाने वाला आंकड़ा बताता है कि हरियाणा में बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या बहुत ज़्यादा है। ये वाहन किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। जब कोई बिना बीमा वाला वाहन किसी को टक्कर मारता है, तो पीड़ित को इलाज और मुआवज़े के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, बीमा न करवाना एक बड़ी लापरवाही है।
हर साल होने वाली हज़ारों दुर्घटनाएं और उनमें जान गंवाने वाले लोगों की संख्या इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है। यह दुखद है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग अभी भी अपने वाहनों का बीमा और फिटनेस कराने को लेकर गंभीर नहीं हैं। परिवहन विभाग की ओर से भी इन पर कोई खास कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है।

पंजाब की स्थिति तो और भी चिंताजनक है। वहाँ 56.54 लाख वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। यह दिखाता है कि देश के कई हिस्सों में लोग अपनी और दूसरों की सुरक्षा को लेकर कितने लापरवाह हैं।

हालांकि, चंडीगढ़ में लोगों में बीमा को लेकर थोड़ी ज़्यादा जागरूकता है, लेकिन वहाँ भी सवा दो लाख से ज़्यादा वाहन बिना बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि जागरूकता के बावजूद अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। सरकार को इस दिशा में और भी कड़े कदम उठाने की ज़रूरत है ताकि सड़कों पर चलने वाले हर वाहन का बीमा हो और लोग सुरक्षित रहें।

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