सपा ने उठाया स्वास्थ्य सेवा का मुद्दा, सरकार बोली-सब ठीक

नवभारत टाइम्स

विधानसभा में आज स्वास्थ्य सेवाओं पर गरमागरम बहस हुई। सपा विधायकों ने अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने नकली दवाओं के कारोबार पर भी चिंता जताई। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की पर्याप्त तैनाती है और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित है।

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लखनऊ: विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और शहरों की सफाई को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सपा विधायकों ने अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की कमी, नकली दवाओं के कारोबार और नगर पालिकाओं द्वारा लगाए जा रहे टैक्स पर सरकार को घेरा। वहीं, संसदीय कार्य राज्य मंत्री और नगर विकास मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरकार के कामों का बखान किया।

सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा ने कार्य स्थगन के दौरान प्रदेश की चिकित्सा और स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट बताया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में न तो डॉक्टर हैं और न ही मरीजों के लिए दवाएं उपलब्ध हैं। फर्रुखाबाद और आगरा जिलों में नकली दवाओं के पाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकली दवाओं का धंधा खूब फल-फूल रहा है। पिछले सात महीनों में सात कंपनियों की दवाएं नकली निकली हैं। सपा के ही विधायक शाहिद मंजूर और नफीस अहमद ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि जब पिछले साल का केवल 52% ही बजट खर्च हो पाया है, तो चिकित्सा व्यवस्था कैसे सुधरेगी।
इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था एकदम दुरुस्त है। उन्होंने बताया कि पीएमएस के 20,099 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 16,520 डॉक्टर तैनात हैं। बाकी खाली पदों को भरने के लिए अधियाचन आयोग को भेज दिया गया है। नकली दवाओं के आरोपों को उन्होंने झूठा करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से ही दवाओं की आपूर्ति होती है और वहां से नकली दवाओं की सप्लाई संभव ही नहीं है।

वहीं, सपा विधायक कमाल अख्तर और रविदास मेहरोत्रा ने शहरों, खासकर लखनऊ की सफाई और नगर पालिकाओं द्वारा लगाए जा रहे टैक्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही रोककर इस पर चर्चा की मांग की। कमाल अख्तर ने कहा कि नगर विकास विभाग वंदन योजना चला रहा है, जिसके तहत अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों का भी कायाकल्प किया जाना चाहिए।

इस पर नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि हम तो आपकी चार सरकारों का कूड़ा साफ कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां प्रेरणा स्थल का निर्माण हुआ था, वहां आपकी सरकार ने सात टन कूड़ा जमा कर रखा था। उन्होंने दावा किया कि सफाई के मामले में लखनऊ पूरे देश के शहरों में तीसरे नंबर पर आया है। वंदन योजना का जिक्र करते हुए मंत्री शर्मा ने एक शेर पढ़ा: ‘आए थे मेरी कब्र पर पढ़ने को फातिहा, ईंटें उठा कर ले गए मेरी मजार से’। उन्होंने कहा कि आप लोगों की राजनीति तो उन्हीं के नाम पर चलती है, लेकिन आपने उनके लिए कुछ नहीं किया। हमारी योजनाएं सबके लिए हैं। उन्होंने संभल, रामपुर और मुरादाबाद में किए गए कामों का भी उल्लेख किया।

सपा विधायकों ने अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और दवाओं की अनुपलब्धता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बेहद खराब हालत में हैं। नकली दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग की गई। साथ ही, नगर पालिकाओं द्वारा लगाए जा रहे टैक्स और शहरों की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।

वहीं, सरकार की ओर से संसदीय कार्य राज्य मंत्री और नगर विकास मंत्री ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त बताया और कहा कि डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। नकली दवाओं के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। शहरों की सफाई व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि लखनऊ देश के टॉप शहरों में शामिल है और सरकार सभी के विकास के लिए काम कर रही है।

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