Colors Of Art And Culture In Faridabad Fair Foreign Artists Dazzle
मुख्य चौपाल पर दिखे कला-संस्कृति के रंग
नवभारत टाइम्स•
मेले का अंतिम दिन कला और संस्कृति से सराबोर रहा। देश-विदेश के कलाकारों ने मुख्य और छोटी चौपाल पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। विदेशी कलाकारों ने अपनी भाषा में गाकर और शानदार नृत्य से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। हरियाणवी धमाल और लाइव परफॉर्मेंस ने समां बांध दिया। यह आयोजन लोगों के लिए यादगार बन गया।
फरीदाबाद में चल रहे मेले का 14वां दिन भी कलाकारों के जोश और उत्साह से भरा रहा। देश-विदेश के कलाकारों ने मुख्य और छोटी चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। विदेशी कलाकारों ने अपनी भाषा में गाने गाए, लेकिन उनके शानदार नृत्य और भावों ने भाषा की बाधा को दूर कर दिया और लोगों ने संगीत और नृत्य का भरपूर आनंद लिया।
मेले का 14वां दिन भी पूरी तरह से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रहा। देश-विदेश से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीत लिया। मुख्य चौपाल पर सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर कार्यक्रम शुरू हुए, जिनमें पहले भारतीय कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके बाद गिनी, जिबूती, टोगो, मलावी, बोत्सवाना, कांगो, रूस, कजाकिस्तान, इस्वातिनी, मॉरिटानिया, जाम्बिया, मोजाम्बिक, साओ टोमे और प्रिंसिपे, घाना और सेंट्रल अफ्रीका जैसे देशों के कलाकारों ने अपने देशों की संस्कृति की झलक पेश की। शाम करीब सवा पांच बजे तक मुख्य चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।मुख्य चौपाल के अलावा, मेला परिसर में बंचारी की नगाड़ा पार्टी और बीन पार्टी ने भी लोगों को खूब थिरकाया। लोग संगीत की धुन पर झूमते और मस्ती करते नजर आए। छोटी चौपाल पर भी सुबह से शाम तक संगीत और नृत्य का संगम देखने को मिला। हरियाणवी गानों पर कलाकारों के जोरदार प्रदर्शन ने दर्शकों को भी अपने साथ नाचने पर मजबूर कर दिया। शाम को सिंगर अनुज शर्मा ने अपनी लाइव परफॉर्मेंस से समां बांध दिया।
विदेशी कलाकारों ने अपनी भाषा और बोली में गाने गाए, लेकिन उनके शानदार नृत्य कला और भावों ने भाषा की दीवार को तोड़ दिया। दर्शकों ने संगीत और नृत्य का भरपूर आनंद लिया, भले ही वे गाने की भाषा को न समझ पाए हों। यह मेले की सबसे खास बात रही कि कला ने भाषा की सीमाओं को पार कर दिया।
यह मेला अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन कलाकारों का जोश और उत्साह कम नहीं हुआ है। वे लगातार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। 14वें दिन भी कलाकारों ने अपनी ऊर्जा और उत्साह बनाए रखा, जो उनकी प्रस्तुतियों में साफ झलक रहा था।