सोसायटी में दो हफ्ते से गंदे पानी की सप्लाई

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के सेक्टर-45 स्थित सर्वोम श्रीहोम सोसायटी में दो हफ्तों से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। पानी में गंदगी और बदबू है। बिल्डर को शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। करीब 1500 फ्लैट वाली इस सोसायटी में 600 से अधिक परिवार रहते हैं। लोग पीने और दैनिक कार्यों के लिए बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।

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फरीदाबाद के सेक्टर-45 स्थित सर्वोम श्रीहोम सोसायटी के करीब 600 से अधिक परिवार पिछले दो हफ्तों से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई से परेशान हैं। सोसायटी के निवासी हर महीने प्रति फ्लैट 3200 रुपये मेंटेनेंस चार्ज देने के बावजूद पीने लायक पानी के लिए तरस रहे हैं। बिल्डर को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते लोग सोशल मीडिया एक्स पर गुहार लगा रहे हैं। सोसायटी में अगस्त में भी पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए जाने का मामला सामने आया था, जिससे निवासियों को त्वचा संबंधी समस्याएं हुई थीं।

सर्वोम श्रीहोम सोसायटी में लगभग 1500 फ्लैट हैं, जिनमें से 856 में पिछले डेढ़ साल से लोग रह रहे हैं। यहां रहने वाले 600 से अधिक परिवार हर महीने बिल्डर को 3200 रुपये मेंटेनेंस के तौर पर देते हैं। इसके बावजूद, ए-ब्लॉक के फ्लैट्स में पिछले दो हफ्तों से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। लोगों का कहना है कि पानी में गंदगी और बदबू इस कदर है कि यह घरेलू उपयोग के लायक भी नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए लोग सोशल मीडिया एक्स पर अपनी परेशानी बताकर मदद मांग रहे हैं।
निवासियों के अनुसार, सोसायटी में पानी की आपूर्ति के लिए हर दिन 10 से 12 टैंकर आते हैं। इन टैंकरों से पानी भरकर टैंकों में जमा किया जाता है और फिर फ्लैट्स में सप्लाई किया जाता है। हालांकि, इन टैंकरों से आने वाले पानी की टीडीएस (TDS - Total Dissolved Solids, यानी पानी में घुले हुए कुल ठोस पदार्थों की मात्रा) बहुत ज्यादा है, जो पीने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। टीडीएस की अधिक मात्रा पानी को अशुद्ध बनाती है।

समस्या की एक और बड़ी वजह यह है कि सोसायटी के पानी के टैंकों की सफाई कई महीनों से नहीं हुई है। टैंकों में गंदगी जमा होने के कारण भी सप्लाई होने वाले पानी में अशुद्धियां मिल जाती हैं। लोगों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों से आ रहे इस गंदे और बदबूदार पानी से बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

इस गंदे पानी के कारण निवासी पीने के पानी के साथ-साथ अपने दैनिक कामों के लिए भी बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं। लोगों को डर है कि इस पानी से बीमारियां बढ़ सकती हैं और उनके पास सोसायटी छोड़कर जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा। निवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की जांच कराई जाए और टैंकों की सफाई की जाए।

यह पहली बार नहीं है जब सोसायटी के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठा है। अगस्त में भी सोसायटी के पानी की जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए गए थे। उस समय कई निवासियों को त्वचा से जुड़ी समस्याएं हुई थीं। निवासियों ने खुद पानी की जांच करवाई थी, जिसमें बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। यह घटना पानी की सप्लाई की गुणवत्ता को लेकर पहले से ही चिंताएं बढ़ा चुकी थी। अब गंदे पानी की सप्लाई ने इन चिंताओं को और गहरा कर दिया है।