बोर्ड परीक्षा की कॉपी में मिले रुपये तो छात्रों के संग कक्ष निरीक्षक भी नपेंगे

नवभारत टाइम्स

यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा की कॉपी में रुपये मिलने पर छात्र के साथ कक्ष निरीक्षक पर भी कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्रों पर नकलविहीन माहौल बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। कॉपी में पैसे मिलने पर उसे राजकोष में जमा कराया जाएगा।

if money is found in board exam copies action will be taken against both students and invigilators
ग्रेटर नोएडा: यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इन परीक्षाओं को नकल मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षा के दौरान अगर किसी छात्र की कॉपी में पैसे मिले तो छात्र के साथ-साथ कक्ष निरीक्षक पर भी कार्रवाई होगी। इस बार जिले के 60 परीक्षा केंद्रों पर करीब 42 हजार छात्र परीक्षा देंगे, जो 18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। अक्सर देखा गया है कि छात्र परीक्षा की कॉपी में पैसे रख देते हैं। यह परीक्षा के नियमों के खिलाफ है और मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है। इसलिए, केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को कॉपी में पैसे न रखने की सख्त हिदायत दें। कक्ष निरीक्षकों को इस मामले में विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
इस बार अगर मूल्यांकन के दौरान किसी छात्र की कॉपी में पैसे मिलते हैं, तो उन्हें सीधे राजकोष में जमा कराया जाएगा। इसकी जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और विभागीय अधिकारियों को दी जाएगी। परीक्षा अधिनियम के तहत, ऐसी स्थिति को नकल माना जाएगा और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कक्ष निरीक्षक की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर भी कार्रवाई होगी। परीक्षा के दौरान ही कॉपी की जांच करनी होगी कि कहीं उसमें पैसे तो नहीं रखे हैं।

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं इस बार नकलविहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कमर कस ली है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को जारी की गई गाइडलाइंस में साफ तौर पर कहा गया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर, कॉपी में पैसे मिलने के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं में पैसे रखकर मूल्यांकनकर्ताओं को प्रभावित करने की कोशिश की।

इस बार बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा के दौरान छात्र अपनी कॉपी में रुपये रख देते हैं। इससे पहले भी छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये मिलने की बात सामने आ चुकी है। यह न केवल परीक्षा के नियमों के खिलाफ है, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है। इसलिए, परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षकों को छात्रों से कॉपी के अंदर रुपये न रखने की सख्त हिदायत देनी होगी। इस संबंध में कक्ष निरीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि परीक्षा निष्पक्ष हो, बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि मूल्यांकन के दौरान किसी छात्र की कॉपी में पैसे मिलते हैं, तो उसे राजकोष में जमा कराना होगा। इसकी जानकारी डीआईओएस और विभागीय अधिकारियों को देनी होगी। इस तरह के मामले में परीक्षा अधिनियम के तहत नकल मानी जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यदि कक्ष निरीक्षक अपनी ड्यूटी में लापरवाही करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के दौरान ही छात्रों की कॉपी की जांच करनी होगी, उसमें कहीं रुपये तो नहीं रखे हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।