जनकपुरी हादसा: पुलिस की रिपोर्ट में ठेकेदार की लापरवाही आई सामने

नवभारत टाइम्स

जनकपुरी में एक बाइकर की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। पुलिस की रिपोर्ट में दिल्ली जल बोर्ड के ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार ने खुदाई वाली जगह पर कोई सावधानी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई थी। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जनकपुरी में एक बाइकर की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई, क्योंकि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के ठेकेदार ने वहां कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए थे। यह घटना शुक्रवार को द्वारका कोर्ट में सामने आई, जहां पुलिस ने मैजिस्ट्रेट को बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ठेकेदार और उसके मजदूरों ने खुदाई वाली जगह पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया था और न ही बैरिकेडिंग की थी। इस लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ।

पुलिस ने ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला के सामने यह जानकारी दी। मैजिस्ट्रेट ने मामले की जांच अधिकारी (IO) से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच के दौरान CCTV फुटेज खंगाले गए। इन फुटेज से साफ हुआ कि ठेकेदार और उसके कर्मचारियों ने खुदाई वाली जगह के आसपास कोई साइन बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई थी। इसी वजह से बाइक सवार की जान चली गई।
इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति और एक मजदूर योगेश को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार मजदूर योगेश को घटना के बाद सड़क पर बैरिकेड और पर्दे लगाकर साइट को ढकते हुए CCTV फुटेज में देखा गया था।

पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है और चल रही है। राजेश प्रजापति के पास से जनकपुरी इलाके में पेरिफेरल सीवर लाइनों को बदलने से जुड़ा 27 जून, 2025 का वर्क ऑर्डर भी बरामद हुआ है। पुलिस को डीजेबी से मिली जानकारी के अनुसार, जनकपुरी में मेन पेरिफेरल सीवर लाइनों को बदलने और मरम्मत का ठेका 9 अक्टूबर, 2025 को दिया गया था। यह जानकारी इस बात की ओर इशारा करती है कि काम की समय-सीमा और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक हुई है।

यह घटना एक गंभीर लापरवाही को उजागर करती है, जहां सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया। ठेकेदार की ओर से बरती गई कोताही सीधे तौर पर एक व्यक्ति की मौत का कारण बनी। पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों को सजा मिलेगी। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है, जो इस बात का संकेत है कि सिस्टम में जवाबदेही तय करने की कोशिश की जा रही है। यह मामला आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन कितना महत्वपूर्ण है।