लड़के को अगवा कर लिव-इन में रखने का आरोप, FIR दर्ज

नवभारत टाइम्स

करनाल में एक महिला पर सनसनीखेज आरोप लगा है। महिला पर एक नाबालिग लड़के को अगवा कर जबरन लिव-इन में रखने का इल्जाम है। इतना ही नहीं, महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर लड़के को अपने दो बच्चों का पिता भी घोषित कर दिया।

लड़के को अगवा कर लिव-इन में रखने का आरोप, FIR दर्ज
करनाल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला पर एक नाबालिग लड़के का अपहरण कर उसे जबरन अपने साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रखने का आरोप लगा है। महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लड़के को अपने दो बच्चों का पिता भी बना दिया। लड़के के पिता का कहना है कि उनके बेटे का जन्म साल 2001 में हुआ था, जबकि महिला के बच्चों की जन्मतिथि 2007 और 2014 है। ऐसे में, जब महिला ने अपने बच्चों का पिता लड़के को घोषित किया, तब वह सिर्फ 6 साल का था। अब घरौंडा कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने महिला के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उसकी तलाश जारी है।

यह पूरा मामला कुरुक्षेत्र के खेड़ी मारकंडा गांव के रहने वाले राजबीर सिंह ने उजागर किया। उन्होंने बताया कि जून 2019 में उनका 17 साल का बेटा अचानक लापता हो गया था। उन्होंने तुरंत पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में उन्हें पता चला कि सोनीपत के गांव बई की रहने वाली मीनाक्षी देवी नाम की महिला ने उनके बेटे का अपहरण कर लिया था और उसे जबरन अपने साथ लिव-इन में रख रही थी।
राजबीर सिंह के अनुसार, मीनाक्षी देवी ने अपने इरादे पूरे करने के लिए कई फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। उसने लड़के की जन्मतिथि बदलवा दी ताकि उसे बालिग दिखाया जा सके। उसने 'परिवार पहचान पत्र' (PPP) में भी हेरफेर किया। लड़के की जन्मतिथि जो 2001 थी, उसे बदलकर 1991 कर दिया गया। इसका मकसद यह दिखाना था कि 2019 में जब यह सब हुआ, तब लड़का बालिग था।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मीनाक्षी देवी के पहले पति से दो बच्चे भी हैं, जिनका जन्म साल 2007 और 2014 में हुआ था। महिला ने इन दोनों बच्चों का पिता भी राजबीर सिंह के बेटे को ही बना दिया। यह तब संभव हुआ जब लड़का खुद सिर्फ 6 साल का था। राजबीर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मीनाक्षी देवी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और अब उसकी तलाश की जा रही है। यह मामला नाबालिगों के अपहरण और उनके शोषण के गंभीर अपराधों की ओर इशारा करता है, जहाँ फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ऐसे जघन्य अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।