Responsible Citizens Lay The Foundation Of A Prosperous Nation President Murmu Emphasizes Karma Yoga
'ज़िम्मेदार नागरिक बनकर रखें समृद्ध राष्ट्र की नींव'
नवभारत टाइम्स•
विज्ञान भवन में कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत कार्यक्रम हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जिम्मेदार नागरिक बनकर समृद्ध राष्ट्र की नींव रखने को कहा। उन्होंने आध्यात्मिकता और नैतिकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज की राजयोगिनी जयंती दीदी और आशा दीदी ने भी विचार रखे। सांध्यकालीन सत्र में मीडिया लॉन्चिंग हुई। पैनल चर्चा में कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
नई दिल्ली में ' कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत' विषय पर एक खास कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम का मकसद लोगों को यह समझाना था कि कर्म को सिर्फ काम नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता, अच्छे विचार और समाज के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुबह के सत्र में शिरकत की और कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। इसके लिए जीवन में आध्यात्मिकता और नैतिकता बहुत जरूरी है।
बिहार के राज्यपाल ने गीता का हवाला देते हुए कहा कि जो कर्म हमें बांधता है, वह बंधन है, लेकिन जो कर्म हमें मुक्ति दिलाता है, वह कर्मयोग है। ब्रह्माकुमारीज की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी ने बताया कि एक मजबूत भारत के लिए हमें कर्मयोगी बनना होगा। आध्यात्मिकता के जरिए हम खुद को आत्मा समझकर अपने अच्छे गुणों को निखार सकते हैं। प्रशासक वर्ग की अध्यक्षा राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर भारतीय की अंदरूनी चेतना को जगाना है।शाम के सत्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉक्टर मुरुगन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा पैनल चर्चा रही। इसमें इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक डॉक्टर के जी सुरेश, जयंती दीदी, महिला प्रभाग की अध्यक्षा चक्रधारी दीदी, अमेरिका से जूडी रोगर्स, गोबिंद बल्लभ पंत हस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मोहित गुप्ता और संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित प्रियदर्शिनी राहुल शामिल हुए। इस चर्चा का संचालन मशहूर पत्रकार और लेखिका नारायणी गणेश ने किया।
इस मौके पर भारत 24 के अध्यक्ष जगदीश चंद्रा, मारवाह स्टूडियो के संस्थापक संदीप मारवाह, मधुबन न्यूज के निदेशक बी के कोमल और राष्ट्रीय संयोजिका मीडिया बी के सरला भी मौजूद थे। मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बी के सुशांत ने सभी का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन ओम शांति रिट्रीट सेंटर गुरुग्राम से मीडिया संयोजिका बी के हुसैन ने किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने जोर देकर कहा कि एक समृद्ध राष्ट्र के सपने को पूरा करने के लिए हर जिम्मेदार नागरिक को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए जीवन में आध्यात्मिकता और नैतिकता का होना अत्यंत आवश्यक है। यह सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए एक मजबूत नींव है।
राज्यपाल ने गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए कर्म और कर्मयोग के बीच के अंतर को समझाया। उन्होंने बताया कि सामान्य कर्म हमें दुनियादारी में उलझा सकते हैं, लेकिन कर्मयोग हमें सही राह दिखाकर मुक्ति की ओर ले जाता है। यह एक ऐसा मार्ग है जो हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भी आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
जयंती दीदी ने सशक्त भारत के निर्माण में कर्मयोगियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता के माध्यम से हम अपनी असली पहचान, यानी आत्मा को पहचान सकते हैं। इससे हमारे मूल गुण और भी निखर कर सामने आते हैं, जो एक मजबूत और नैतिक समाज के लिए बहुत जरूरी हैं।
आशा दीदी ने कार्यक्रम के उद्देश्य को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हर भारतीय के अंदर छिपी हुई चेतना को जगाना है। जब हर व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानेगा, तभी हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर पाएंगे।
शाम की चर्चा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। डॉक्टर के जी सुरेश, जूडी रोगर्स, डॉक्टर मोहित गुप्ता और प्रियदर्शिनी राहुल जैसे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे कर्मयोग को अपने जीवन और काम में शामिल करके हम व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
नारायणी गणेश ने बड़ी कुशलता से इस चर्चा को आगे बढ़ाया। उन्होंने सभी वक्ताओं को एक मंच पर लाकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत को प्रोत्साहित किया। यह पैनल चर्चा दर्शकों के लिए काफी ज्ञानवर्धक रही।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस पहल का समर्थन किया। जगदीश चंद्रा, संदीप मारवाह, बी के कोमल और बी के सरला जैसे लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
अंत में, बी के सुशांत ने सभी का आभार व्यक्त किया। बी के हुसैन ने पूरे कार्यक्रम का संचालन बड़ी ही सहजता से किया, जिससे यह आयोजन सफल रहा।