Diesel Vehicles Used For Garbage Collection To Be Shut Down In Faridabad Now Wet dry Waste To Be Collected Separately
कूड़ा उठान में लगे डीजल के वाहन होंगे बंद
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कूड़ा उठाने में लगी पुरानी डीजल गाड़ियों पर रोक लगेगी। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने के लिए विशेष डिब्बों वाली गाड़ियों का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने वाले वेंडरों पर कार्रवाई होगी।
फरीदाबाद नगर निगम ने शहर में फैले प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब डीजल की पुरानी गाड़ियों से कूड़ा उठाने वाले वेंडरों पर नकेल कसी जाएगी। साथ ही, गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग न करने वाले मकान मालिकों पर भी कार्रवाई होगी। यह फैसला निगम मुख्यालय में हुई एक अहम बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्पेशल ऑफिसर सेनिटेशन एसवीर सिंह ने की।
इस बैठक में सभी डोर-टू-डोर वेंडरों को निर्देश दिए गए कि वे निगम के साथ अपना पंजीकरण जरूर कराएं। बिना पंजीकरण के किसी को भी कूड़ा उठाने का काम करने की इजाजत नहीं होगी। एसवीर सिंह ने साफ कहा कि सारा काम सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) के नियमों के तहत ही होगा। इसका मतलब है कि वेंडर सिर्फ गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करके ही उठाएंगे।प्रदूषण फैलाने वाली डीजल की पुरानी गाड़ियों पर रोक लगाई जाएगी। शहर में कूड़ा उठाने के लिए अब ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल होगा जिनमें गीला और सूखा कूड़ा रखने के लिए अलग-अलग कंपार्टमेंट (खाने) बने हों। इससे दोनों तरह का कचरा आपस में मिलेगा नहीं। इकट्ठा किए गए कचरे को तय ट्रांसफर स्टेशन पर ही खाली करना होगा।
अगर कोई वेंडर इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ चालान काटा जाएगा। यह नियम बहुत सख्ती से लागू किए जाएंगे। इस बैठक में एसबीएम एक्सपर्ट कल्पना मंडल, सफाई निरीक्षक हरबीर रावत, जगवीर चौहान, बृजमोहन शर्मा, सहायक सफाई निरीक्षक अजीत रावत और विभिन्न वार्डों के वेंडर मौजूद थे।
यह कदम शहर को साफ-सुथरा बनाने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निगम यह सुनिश्चित करना चाहता है कि घर-घर से कूड़ा उठाने का काम सही तरीके से हो। अब सिर्फ वेंडरों पर ही नहीं, बल्कि उन मकान मालिकों पर भी कार्रवाई होगी जो अपने घरों से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग नहीं करते। यह व्यवस्था शहर में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाएगी और प्रदूषण को कम करेगी।
निगम का यह नया रवैया शहरवासियों को भी जागरूक करेगा। उन्हें गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने की आदत डालनी होगी। यह एक छोटी सी कोशिश है, लेकिन इसका बड़ा असर पर्यावरण पर पड़ेगा। डीजल की गाड़ियों की जगह नई और पर्यावरण के अनुकूल गाड़ियों का इस्तेमाल होगा, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
यह सब सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। इन नियमों का मकसद कचरे को सही तरीके से इकट्ठा करना, उसका निपटान करना और पर्यावरण को नुकसान से बचाना है। निगम ने साफ कर दिया है कि अब इस मामले में कोई ढील नहीं बरती जाएगी।