Bank Fraud Woman Sentenced To 35 Years In Jail Fined Rs 10000
बैंक धोखाधड़ी में महिला को साढ़े 3 साल की कैद
नवभारत टाइम्स•
पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ शाखा में बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फर्जी कागजातों पर आवास ऋण लिया गया था। विशेष सीबीआई कोर्ट ने मीशु को दोषी ठहराया है। उसे साढ़े तीन साल की कैद और दस हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। यह मामला 2010-11 का है।
मेरठ के मीशु को बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट ने दोषी पाया है। कोर्ट ने उन्हें साढ़े 3 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2010-11 का है, जिसमें पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ स्थित दीवान पब्लिक स्कूल शाखा से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवास ऋण लिया गया था। आरोप है कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और अन्य लोगों की मिलीभगत से झूठे दस्तावेज बनाकर लोन पास कराया गया और पैसे निकाल लिए गए।
विशेष सीबीआई कोर्ट के न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया। इस फैसले से बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले का खुलासा हुआ है। मीशु को इस मामले में दोषी ठहराया गया है।यह पूरा मामला 2010-11 के दौरान का है। जांच में पता चला कि पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ की दीवान पब्लिक स्कूल शाखा में कुछ गड़बड़ हुई थी। वहां फर्जी कागजात लगाकर एक आवास ऋण लिया गया था।
आरोप यह भी है कि बैंक के उस समय के शाखा प्रबंधक और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। उन्होंने मिलकर झूठे दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर ही लोन पास कराया गया और फिर पैसे निकाल लिए गए। इस तरह बैंक को चूना लगाया गया।