झूंसी में घर में घुसा तेंदुआ, रात में पकड़ा गया

नवभारत टाइम्स

झूंसी और हनुमानगंज में छह महीने से आतंक मचा रहे तेंदुए ने छिबैयां गांव में लोगों पर हमला किया। तेंदुए ने एक घर में घुसकर बच्चों और एक गर्भवती महिला को खतरे में डाला। वन विभाग की टीम ने कानपुर से आई ट्रेंकुलाइजर टीम की मदद से तेंदुए को बेहोश कर पकड़ा।

leopard entered a house in jhusi children and pregnant woman rescued caught at night
प्रयागराज के झूंसी और हनुमानगंज इलाके में पिछले छह महीनों से आतंक मचा रहे तेंदुए को आखिरकार पकड़ लिया गया। गुरुवार सुबह छिबैयां गांव में इस खूंखार जानवर ने मनोज भारतीय और सूर्य प्रताप पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद तेंदुआ शेखर सिंह के घर में घुस गया, जहां से दो बच्चों और एक गर्भवती महिला को लोगों ने खिड़की तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शाम सात बजे कानपुर से आई ट्रेंकुलाइजर टीम ने तेंदुए को बेहोश कर दबोच लिया।

यह तेंदुआ पिछले छह महीनों से लोगों को डरा रहा था। गुरुवार को इसने अपना खौफनाक रूप दिखाया। छिबैयां गांव में मनोज भारतीय और सूर्य प्रताप पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद वह शेखर सिंह के घर में जा घुसा। घर के अंदर दो छोटे बच्चे और एक गर्भवती महिला फंसी हुई थी। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए खिड़की तोड़कर उन्हें बाहर निकाला।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची। लेकिन तेंदुए को पकड़ना आसान नहीं था। आखिरकार, शाम सात बजे कानपुर से खास ट्रेंकुलाइजर टीम बुलाई गई। इस टीम ने कमरे में छिपे तेंदुए को बेहोश करने वाली दवा (ट्रेंकुलाइजर) दी। दवा असर करने के बाद तेंदुआ बेहोश हो गया और तब जाकर उसे पकड़ा जा सका।