Sharjeel Imams Claim Umar Khalid Is Not My Mentor Police Allegations Are False
उमर खालिद मेरे मार्गदर्शक नहीं: शरजील
नवभारत टाइम्स•
शरजील इमाम ने कोर्ट में उमर खालिद को अपना मार्गदर्शक मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जेएनयू में उनकी उमर खालिद से कभी खास बातचीत नहीं हुई। पुलिस के साजिश रचने के आरोप झूठे हैं। इमाम के वकील ने कहा कि दोनों के बीच कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।
नई दिल्ली: जेएनयू के स्कॉलर शरजील इमाम ने दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली पुलिस के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि जेएनयूएसयू के पूर्व नेता उमर खालिद उनके गुरु और मार्गदर्शक हैं। इमाम ने साफ कहा कि ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और जेएनयू में पढ़ाई के दौरान उनकी उमर खालिद से कभी कोई खास बातचीत नहीं हुई।
एडवोशनल सेशंस जज (ASJ) समीर बाजपेयी के सामने शरजील इमाम की ओर से पेश हुए वकील तालिब मुस्तफा ने कहा कि उनके मुवक्किल और उमर खालिद के बीच कोई संबंध नहीं है। वकील ने बताया, "जेएनयू में अपने पांच साल के दौरान इमाम ने कभी उमर खालिद से बात नहीं की। मुझे नहीं पता कि वे (पुलिस) किस कोऑर्डिनेशन की बात कर रहे हैं। साजिश साबित करने के लिए, हमारे बीच सहमति दिखाना जरूरी है। लेकिन वे कोई भी सहमति दिखाने में नाकाम रहे हैं।"वकील ने इस आरोप को भी गलत बताया कि उमर खालिद ने शरजील इमाम को निर्देश दिए थे। उन्होंने शरजील इमाम की ओर से कहा, "सिर्फ एक मीटिंग है जिसमें उमर और मैं साथ दिखते हैं। लेकिन उस मीटिंग के गवाह के बयान से भी पता चलता है कि हिंसा के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई थी।" वकील तालिब मुस्तफा दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में अपनी दलीलें पेश कर रहे थे। फिलहाल, अदालत आरोप तय करने पर दलीलें सुन रही है।
दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम, उमर खालिद और कई अन्य लोगों पर 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है। UAPA एक ऐसा कानून है जो कुछ खास तरह की गतिविधियों को गैरकानूनी मानता है, खासकर वे जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हों। पुलिस का कहना है कि इमाम और खालिद ने मिलकर दंगों की योजना बनाई थी और इसमें उनकी भूमिका थी।
शरजील इमाम, जो जेएनयू के एक जाने-माने छात्र नेता रहे हैं, पर आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए थे। वहीं, उमर खालिद भी जेएनयू के छात्र नेता रहे हैं और उन पर भी दंगों की साजिश रचने का आरोप है। दिल्ली पुलिस इन दोनों के बीच कथित संबंधों को साजिश का अहम हिस्सा मान रही है। लेकिन शरजील इमाम के वकील ने कोर्ट में इस बात पर जोर दिया कि पुलिस के पास ऐसे कोई सबूत नहीं हैं जो इन दोनों के बीच किसी तरह के तालमेल या निर्देश देने की बात साबित कर सकें। वकील ने यह भी कहा कि एक मात्र मीटिंग का जिक्र किया गया है, लेकिन उस मीटिंग में भी हिंसा से जुड़ी कोई बात नहीं हुई थी। यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है और अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही कोई फैसला सुनाएगी।