प्रेमप्रसंग के शक में हत्या, 8 दबोचे गए

नवभारत टाइम्स

बाराबंकी में प्रेमप्रसंग के शक में एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात में शामिल आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक नाबालिग भी पकड़ा गया है। पुलिस अन्य तीन आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर भी चलाया गया है।

प्रेमप्रसंग के शक में हत्या, 8 दबोचे गए
बाराबंकी में 11 लोगों ने मिलकर 20 साल के मिथुन रावत की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। यह वारदात 6 मार्च को कुर्सी के दुर्री पुरवा में हुई थी। पुलिस का कहना है कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी, जो साल 2019 में मिथुन द्वारा दर्ज कराए गए छेड़छाड़ के मामले से शुरू हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों में इरफान उर्फ अघोरी, रिजवान, अरमान, मो.जावेद, अयान और मो.आमिर शामिल हैं। तीन अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

सीओ फतेहपुर जगतराम कनौजिया ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दुर्री पुरवा के इरफान उर्फ अघोरी, रिजवान, अरमान, मो.जावेद और कुर्सी के मोहल्ला मुल्लाटोला के अयान व मो.आमिर हैं। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस बाकी तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि मिथुन ने साल 2019 में इरफान और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ परिवार की एक युवती से छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। तभी से दोनों के बीच दुश्मनी चल रही थी। होली के दिन मिथुन ने इरफान के परिवार की एक युवती से बात कराने के लिए एक लड़के को भेजा था। जब इरफान को यह बात पता चली तो उसने झाड़फूंक करने आए कुर्सी के मुल्ला टोला के पांच युवकों के साथ मिलकर मिथुन को मारने की योजना बनाई।

शुक्रवार शाम को इरफान ने मिथुन को बहाने से दुर्री पुरवा बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई गई। जब मिथुन नशे में धुत हो गया, तो उसे मुल्ला टोला के युवकों को सौंप दिया गया। इन युवकों ने चापड़ से मिथुन पर 25 वार किए और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने शव को पास के खेत में फेंक दिया।

आरोपियों के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर: सीओ ने यह भी बताया कि जांच में पता चला कि आरोपियों ने सरकारी जमीन पर कब्जा करके अवैध निर्माण कराया था। पुलिस की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन से इन अवैध निर्माणों को ढहा दिया। पक्के निर्माणों को खाली करने के लिए आरोपियों को दो दिन का समय दिया गया है।