‘जनगणना में बाधा न बनें लोग, RWA लें ज़िम्मेदारी’

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गुड़गांव में जनगणना-2027 को लेकर बैठक हुई। आरडब्ल्यूए को लोगों को जागरूक करने और सहयोग के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा कर्मियों से समन्वय कर जनगणना कर्मचारियों को प्रवेश दिलाने पर जोर दिया गया। जनगणना देश की नीतियों और योजनाओं का आधार है।

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n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

जनगणना-2027 को सफल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम गुड़गांव कार्यालय में बुधवार को एक समन्वय बैठक हुई। बैठक में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, नागरिक संगठनों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम की अडिशनल कमिश्नर अंकिता चौधरी ने की। इस दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी सोसायटी और क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाएं, वॉट्सऐप ग्रुप और नोटिस बोर्ड के माध्यम से जानकारी साझा करें। इसके साथ ही निवासियों को जनगणना कार्य में सहयोग करने के लिए प्रेरित करें। अडिशनल कमिश्नर ने इस दौरान सोसायटियों के सुरक्षा कर्मियों के साथ समन्वय बनाकर जनगणना कर्मचारियों को आसानी से प्रवेश दिलाने पर भी जोर दिया।

बैठक में जनगणना की प्रक्रिया, आरडब्ल्यूए की भूमिका, नागरिक सहयोग, सुरक्षा प्रबंधन और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की नीतियों और योजनाओं की आधारशिला है। इसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन, आवास और रोजगार जैसी योजनाएं बनाई जाती हैं।

दो चरणों में पूरा होगा जनगणना का काम : अधिकारियों ने बताया कि जनगणना-2027 का कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना’ 1 मई से 30 मई तक चल रहा है, जिसमें मकानों, इमारतों और परिवारों का विवरण एकत्र किया जा रहा है। साथ ही पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी भी दर्ज की जा रही है। दूसरा चरण फरवरी 2027 में ‘पॉपुलेशन एन्यूमरेशन’ के रूप में होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की आयु, लिंग, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों से संबंधित विस्तृत जानकारी इकट्ठा की जाएगी। 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को संदर्भ समय मानते हुए देश की जनसंख्या का सटीक आंकलन किया जाएगा।

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