नॉन एसी में सीटें फुल, एसी बसाें में आधे यात्री

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हरियाणा रोडवेज की एसी बसें यात्रियों को आकर्षित नहीं कर पा रही हैं। चंडीगढ़ रूट पर एसी बसें आधी खाली चल रही हैं, जिससे विभाग को नुकसान हो रहा है। वहीं, साधारण बसों में यात्रियों की भारी भीड़ है। किराए का अंतर यात्रियों को नॉन-एसी बसों की ओर खींच रहा है।

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n NBT न्यूज, बल्लभगढ़ : भीषण गर्मी के बावजूद हरियाणा रोडवेज की एसी बसें यात्रियों को लुभाने में नाकाम साबित हो रही हैं। खासकर चंडीगढ़ रूट पर चलने वाली एसी बसें आधी खाली दौड़ रही हैं, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं साधारण (नॉन-एसी) बसों में यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है।

चंडीगढ़ जाने वाली एसी बसों में सवारियों की संख्या लगातार कम बनी हुई है। इस रूट पर कुल 19 बसें चलती हैं, जिनमें 10 एसी और 9 नॉन एसी बसें हैं। कई बार एसी बसें आधे से कम यात्रियों के साथ रवाना हो रही हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एसी बसों का किराया अधिक होने के कारण यात्री इन्हें कम प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्तमान में एसी का किराया 490 रुपये है, जबकि साधारण बस का किराया 365 रुपये है। यानी दोनों के बीच 125 रुपये का अंतर यात्रियों को प्रभावित कर रहा है। दूसरी ओर, साधारण बसों की स्थिति इसके विपरीत है। इनमें सीटें भरने के बाद खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। खासकर रोजाना आने-जाने वाले और मध्यम वर्ग के लोग कम किराए के चलते नॉन-एसी बसों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। रोडवेज करीब 30 से अधिक श्रेणी के लोगों को नॉन एसी बसों में फ्री या किराए में छूट देता है। रोडवेज डिपो के डीआई जयपाल सिंह राठी का कहना है कि एसी बसों के मुकाबले नॉन-एसी बसों में यात्रियों की संख्या कहीं ज्यादा है और इन्हीं बसों से विभाग को बेहतर राजस्व मिल रहा है। उनका मानना है कि अगर एसी बसों का किराया कम किया जाए तो इनकी सवारी बढ़ सकती है।

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